'लोग सोचते हैं मुख्यमंत्री कम उम्र के हैं, दबा लो'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि नए लोकायुक्त के चयन मामले में उनकी सरकार को बदनाम करने साजिश हो रही है। मुख्यमंत्री होने के नाते उन्होंने लोकायुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया का पूरी तरह पालन किया।
किसी संविधानिक व्यवस्था का उल्लंघन नहीं किया है। लोग सोचते हैं कि मुख्यमंत्री कम उम्र के हैं, दबा लो।
मुख्यमंत्री बुधवार शाम एक टीवी चैनल के कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा, यह साफ है कि एक एक्ट है। मैंने उसका पालन किया। नेता विपक्ष से बात की है। विधानमंडल में भी इस बात को रखूंगा।
मैं भी लगा सकता हूं आरोप
राज्यपाल और हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की नाइत्तफाकी के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा, मैं भी आरोप लगा सकता हूं, लेकिन मैं ऐसा करना नहीं चाहता।
कहां लिखा है मैनपुरी के नहीं हो सकते लोकायुक्त?
मुख्यमंत्री ने कहा, एक्ट में कहीं नहीं लिखा है कि सीएम के होमटाउन के व्यक्ति को सरकार लोकायुक्त नहीं बना सकती। मैनपुरी का होगा तो ...नहीं हो सकता। दरअसल यह हमारी सरकार को बदनाम करने की साजिश है।
चीफ जस्टिस, गवर्नर, दोनों से मेरे अच्छे संबंध
मुख्यमंत्री ने लोकायुक्त मामले में राज्यपाल व हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से अपने अच्छे संबंधों का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि चीफ जस्टिस और राज्यपाल से उनके अच्छे संबंध हैं, लेकिन मुख्यमंत्री के नाते वह एक प्रक्रिया से बंधे हैं जिसका उन्होंने पालन किया है।