राज्यपाल से मिले मुख्यमंत्री, मंत्रिमंडल में हो सकता है फेरबदल
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प्रदेश मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलें एक बार फिर तेज हो गई हैं। बताया जाता है कि सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मिशन 2017 के मद्देनजर संगठन से लेकर सरकार तक ढांचे को चुस्त-दुरुस्त करने का फैसला किया है।
इसके तहत कुछ मंत्रियों को सरकार से हटाकर संगठन के काम में तो कुछ को सरकार में भेजने की बात कही जा रही है। कुछ पुराने चेहरों की वापसी और यूथ ब्रिगेड के कुछ चेहरों को सरकार में शामिल करके मिशन 2017 में जुटाने की चर्चा है। हालांकि फेरबदल के लिए तारीख और समय अभी नहीं तय है, पर यह कभी भी हो सकता है।
पहले से ही चर्चा थी कि राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव के बाद सपा संगठन और मंत्रिमंडल में फेरबदल किया जा सकता है। मंगलवार सुबह अपने सरकारी आवास पर कामकाज निपटा रहे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को जब सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने अचानक अपने पास बुलाया और बातचीत की तो सियासी गलियारों में अटकलें लगना शुरू हो गई थीं कि मुख्यमंत्री को अचानक बुलाने की वजह कहीं मंत्रिमंडल में फेरबदल तो नहीं है।
दोपहर बाद जब मुख्यमंत्री राज्यपाल राम नाईक से मिलने राजभवन भी पहुंच गए तो इन चर्चाओं को और बल मिल गया।
मुलाकात कर मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को दी फेरबदल की जानकारी
हालांकि राजभवन की तरफ से यही बताया गया कि मुख्यमंत्री मथुरा के जवाहरबाग, कैराना और दादरी की घटनाओं पर बातचीत करने राज्यपाल के पास गए थे, पर माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने इस मुलाकात में राज्यपाल को मंत्रिमंडल में फेरबदल की जानकारी भी दी।
साथ ही राज्यपाल के कार्यक्रम की जानकारी ली, जिससे मंत्रिमंडल में फेरबदल की तारीख और समय निश्चित किया जा सके।
मंत्रिमंडल में तीन जगह खाली
प्रदेश का मंत्रिमंडल 60 सदस्यीय हो सकता है, पर अभी यह संख्या 57 ही है। इनमें 25 कैबिनेट, 10 राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार और 22 राज्यमंत्री हैं। दो स्थान पहले से ही रिक्त चले आ रहे थे। एक स्थान पिछले दिनों पंचायती राज मंत्री कैलाश यादव के निधन से रिक्त हुआ है।
अखिलेश ब्रिगेड के चेहरों को भी मिल सकता है मौका
मंत्रिमंडल फेरबदल में अखिलेश ब्रिगेड के भी एक-दो चेहरों को मंत्री बनाया जा सकता है। बताया जाता है कि मुख्यमंत्री अपने विश्वासपात्र एक-दो युवा चेहरों को मंत्री बनाकर उन्हें पूरे प्रदेश में कार्यकर्ताओं व जनता के साथ समन्वय के काम पर लगाना चाहते हैं, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता तक वे सीधा संवाद कर सकें। साथ ही वहां की समस्याओं का समाधान करके सपा की पकड़ व पहुंच ठीक की जा सके।
कुछ की वापसी तो कुछ का कद बढ़ाने की चर्चा
जानकारी के मुताबिक, अंबिका चौधरी की मंत्रिमंडल में फिर वापसी हो सकती है। इसके अलावा महेंद्र अरिदमन, आनंद सिंह की भी वापसी हो सकती है। हालांकि महेंद्र अरिदमन की संभावनाएं ज्यादा हैं।
खाद्य रसद विभाग से हटाए गए रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया को फिर उनकी पसंद का कोई विभाग दिया जा सकता है। राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव के दौरान सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव और शिवपाल सिंह यादव, राजा भैया के घर गए थे।
माना जा रहा है कि वे राजा भैया को मनाने गए थे क्योंकि उन्हें आशंका थी कि महत्वपूर्ण विभाग छीने जाने से अनमने चल रहे राजा भैया कहीं राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव में भाजपा का साथ न दे दें। मुलायम और शिवपाल से मुलाकात के बाद राजा भैया खुद और अपने समर्थक विधायक सहित जिस तरह सपा के साथ रहे, उसे देखते हुए राजा भैया का भी कद बढ़ाए जाने की चर्चा है।