सीएम अखिलेश का दिव्यांगों को तोहफा, 5 हजार से 21 हजार की पुरस्कार राशि
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दिव्यांगों के लिए राज्यस्तरीय पुरस्कार में 16 साल बाद 16 हजार रुपये की बढ़ोतरी की गई है। अब दिव्यांगों को राज्यस्तरीय पुरस्कारों में 21 हजार रुपये नकद दिए जाएंगे।
अब तक पुरस्कार में सिर्फ पांच हजार रुपये दिए जा रहे थे। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने विश्व दिव्यांगजन दिवस के मौके पर इसका एलान किया। शनिवार को पुरस्कार राशि में 16 हजार रुपये बढ़ाने की घोषणा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने विश्व विकलांग दिवस के मौके पर की। 16 वर्ष के बाद पुरस्कार राशि में बढ़ोतरी की गई है।
सीएम ने यहां कालिदास मार्ग स्थित सरकारी आवास पर आयोजित कार्यक्रम में पांच दिव्यांगों को व्हील चेयर, 10 को श्रवण यंत्र, 15 को ट्राई साइकिल और आठ को बैसाखी भी वितरित की।
कार्यक्रम में निशक्तजन विकास मंत्री साहब सिंह सैनी ने कहा कि सपा सरकार 18 वर्ष से कम आयु वाले निशक्तों के माता अथवा पिता को समाजवादी पेंशन योजना का लाभ दे रही है। वहीं, कुष्ठ रोगियों को 2,500 रुपये प्रतिमाह पेंशन देने की योजना शुरू की गई है।
वर्ष 2000 के बाद यह वृद्धि अब की गई
प्रमुख सचिव निशक्तजन विकास विभाग महेश कुमार गुप्ता ने कहा कि निशक्तों की दिक्कतों को समझकर उनकी जरूरतों के मुताबिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रदेश में 10 हजार निशक्तों को विभिन्न उपकरण मुहैया कराना जाना है। मुख्यमंत्री ने निशक्तों को उपकरण वितरित करने की शुरुआत कर दी है।
गुप्ता ने बताया कि प्रदेश सरकार निशक्तजनों को राज्य स्तरीय पुरस्कार के रूप में पांच-पांच हजार रुपये की राशि प्रदान करती है। मुख्यमंत्री ने पुरस्कार की राशि पांच हजार से बढ़ाकर 21 हजार रुपये करने का फैसला लिया है। वर्ष 2000 के बाद यह वृद्धि अब की गई है।
मौजूदा समय में निशक्त कर्मचारियों तथा स्वरोजगार में लगे निशक्तों को तीन-तीन नकद पुरस्कार देने की व्यवस्था है। सरकार ने फैसला लिया है कि अन्य क्षेत्रों में भी उपलब्धियां हासिल करने वाले निशक्तजनों को नकद पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। इसके लिए नियमावली में संशोधन की कार्यवाही की जा रही है।