पीएम मोदी से अखिलेश ने की तीन गुना 'डिमांड'
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आपदा पीड़ित लोगों को मुआवजे में दी जाने वाली सहायता की रकम तीन गुना किए जाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखेंगे। मुख्यमंत्री मदद की रकम बढ़ाने के कारण भी बताएंगे।
प्रदेश में पिछले दिनों की बारिश व बाढ़ से बड़े पैमाने पर किसानों की फसलें नष्ट हुई हैं। कई किसानों की जान तक जा चुकी है। तभी से किसान संगठन व विपक्षी दल आपदा पीड़ितों को मिलने वाली मदद बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
विधानसभा में इस मुद्दे पर विशेष चर्चा के दौरान सरकार ने माना कि केंद्रीय मानक से दी जाने वाली सहायता पर्याप्त नहीं है लेकिन इसे बढ़ाने की जिम्मेदारी केंद्र की है।
मुख्यमंत्री ने अपनी ओर से पीड़ितों को तत्काल अतिरिक्त राहत देने के लिए केंद्र जितनी सहायता राज्य सरकार के खजाने से भी देने का ऐलान कर दिया।
मृतकों को डेढ़ लाख की जगह 7 लाख की मदद की पहल की। लेकिन वह अब केंद्र से आपदा पीड़ितों की मदद को तीन गुना करने की पैरवी करने जा रहे हैं।
इसलिए की जा रही मुआवजा बढ़ाने की गुजारिश
राजस्व विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आपदा राहत की मौजूदा दरें वर्ष 2012 में तय की गईं लेकिन इसे लागू किया गया 2010 से 2015 के लिए। तब से खाद, बीज, पानी और बिजली की वजह से किसानों की फसलों की लागत में अप्रत्याशित वृद्धि हो चुकी है।
महंगाई के कारण बढ़ती लागत से परेशान किसान फसलों की बर्बादी देख आत्महत्या तक करने लगे हैं। कृषि उत्पादन आयुक्त वीएन गर्ग सरकार की ओर से किसानों के प्रतिनिधिमंडल को मुआवजे की रकम तीन गुना करने की केंद्र से मांग करने का आश्वासन भी दे चुके हैं।
आपदा राहत के अंतर्गत प्रमुख मदों में सहायता की मौजूदा दरें
- मृतक के परिवार को सहायता--1.5 लाख रुपये
- फसलों के 50 फीसदी नुकसान पर--सिंचित क्षेत्र में 9000 रुपये प्रति हेक्टेयर
- असिंचित क्षेत्र में 4500 रुपये प्रति हेक्टेयर
- बारहमासी फसलों पर 12 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर