देख लीजिए, क्या होता है जब एक सीएम को गुस्सा आता है !
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भ्रष्टाचार की शिकायतें मिलने के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बृहस्पतिवार को इलाहाबाद के कमिश्नर बी.के. सिंह को सस्पेंड कर दिया। उन्हें राजस्व विभाग से संबद्ध किया गया है।
मुख्यमंत्री बृहस्पतिवार को फतेहपुर दौरे पर गए थे। लखनऊ लौटते समय हेलीपैड पर पत्रकारों ने यमुना नदी में बांध बनाकर अवैध खनन कराए जाने के संबंध में सवाल पूछे तो मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद मंडलायुक्त से अवैध खनन को लेकर जवाब-तलब किया।
मंडलायुक्त ने सफाई दी लेकिन इससे मुख्यमंत्री संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने मौके पर ही उन्हें सस्पेंड करने के आदेश दे दिए।
फतेहपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार पत्रकारों से बातचीत के बाद मुख्यमंत्री लखनऊ वापस लौटने के लिए हेलीपैड पर पहुंचे तो उन्हें विदाई देने के लिए मंडलायुक्त, डीएम व एसपी के अलावा पूर्व सांसद राकेश सचान व सपा के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह यादव समेत कई अन्य नेता मौजूद थे।
शिकायतें मिलने से नाराज मुख्यमंत्री ने सीधे कमिश्नर से सवाल किया कि क्या पैसा देकर पोस्टिंग कराई है?
गुस्से में बोले, ‘यू आर सस्पेंडेड’
उन्होंने यही सवाल डीएम और एसपी से भी किया। अधिकारियों के मना करने पर सीएम ने कहा कि तो फिर भ्रष्टाचार की सूचनाएं कैसे मिल रही है?
जनता के लिए काम क्यों नहीं हो रहा है? तीनों अधिकारी निरुत्तर खड़े रहे। मंडलायुक्त के जवाब न देने पर मुख्यमंत्री का पारा चढ़ गया और गुस्से में बोले ‘यू आर सस्पेंडेड’।
उन्होंने साथ आए अपने सचिव से कार्रवाई कराने को कहा। मुख्यमंत्री के कड़े तेवर देख अफसरों को पसीना छूट गया। हालांकि बताया जा रहा है कि यमुना में बांध बनाने की अनुमति डीएम ने दी थी।
देर शाम मुख्य सचिव ने बताया कि फतेहपुर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री से मंडलायुक्त की शिकायतें की गई थीं। मुख्यमंत्री ने मंडलायुक्त को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। आदेश जारी करने की प्रक्रिया चल रही है।