दलाई लामा से बात के बाद अखिलेश ने रखी 'बुनियाद'
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तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा तेन्जिन ग्यात्सो और प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की मुलाकात में संकिसा के विकास की बुनियाद रखी गई। करीब 30 मिनट की मुलाकात में अखिलेश ने धर्मगुरु को संकिसा के विकास लिए पैसा, जमीन के साथ ही बाकी सहूलियतें देने का भी भरोसा दिया।
संकिसा में 2600 साल पहले बुद्ध के स्वर्ग से अवतरित होने की मान्यता है। इस अहम मुलाकात के बाद संकिसा के विश्व पर्यटन मानचित्र पर नए रूप में उभरने की उम्मीदें बन गई हैं। मुलाकात के दौरान संकिसा के होटल रायल रेजीडेंसी में कड़ी सुरक्षा रही।
दलाई लामा ने अखिलेश से कहा कि संकिसा बुद्धिस्टों के लिए पवित्र तीर्थ है। यहां पूरी दुनियां से अनुयायी आना चाहते हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर न होने से मुश्किल हो रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री से संकिसा के विकास के लिए कुछ करने को कहा। साथ ही कहा कि पैसा किसी की पॉकेट में नहीं जाना चाहिए।
यह शिक्षा, चिकित्सा व विकास में खर्च हो। दलाई लामा ने कहा कि प्राचीन भारतीय ज्ञान उपयोगी है। आधुनिक भारत के लिए भी यह जरूरी है।
धर्मगुरू को दिलाया भरोसा
अखिलेश ने धर्मगुरु को भरोसा दिलाया कि संकिसा के विकास में वह हर मदद करेंगे। 100 से 500 एकड़ तक जितनी जमीन की जरूरत होगी, मुहैया कराई जाएगी। यह जमीन सरकार किसानों से वाजिब दामों पर खरीदेगी। विकास के लिए पैसा व दूसरी सहूलियतें भी मुहैया कराई जाएंगी।
इसके लिए उन्होंने डेवलपमेंट मैप बनाने के लिए कहा। डीएम एनकेएस चौहान को भी इस बावत निर्देश दिए। सीएम इस प्रोजेक्ट पर चर्चा के लिए राज्यमंत्री आलोक शाक्य व यूथ बुद्धिस्ट सोसाइटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश बौद्ध को लखनऊ बुला गए।
अखिलेश ने लिया आशीर्वाद
अखिलेश ने बुके देकर दलाई लामा से आशीर्वाद लिया। दलाई लामा ने अखिलेश को परंपरागत सफेद उत्तरीय उढ़ाई। इसके बाद बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ।
धर्मगुरु ने नेताजी से बताए पुराने संबंध
सीएम व दलाई लामा की मुलाकात शुरुआती हिचक के बाद गहरी होती चली गई। दलाई लामा के हाथ थामने से अखिलेश भावुक हो गए। धर्मगुरु ने कहा कि मुलायम सिंह से उनके पुराने संबंध हैं। दलाई लामा ने बताया कि सम्राट अशोक ने 30 हाथ ऊंचा गज स्तंभ संकिसा में भी बनवाया था।