कन्हैया के विवादित बयान पर यूपी के सीएम अखिलेश ने दी प्रतिक्रिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सूबे के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि कन्हैया को कश्मीर में तैनात सेना के बारे में ऐसा बयान नहीं देना चाहिए था। सेना या पुलिस के बारे में कुछ भी कहने से पहले उसका आधार होना चाहिए।
वहीं, मीडिया को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। उन्हें ऐसे बयान प्रकाशित या प्रसारित नहीं करने चाहिए, जिन्हें सुनकर संबंधित व्यक्ति के बारे में दुर्भावना पैदा होती हो।
मुख्यमंत्री यहां गुरुवार दोपहर एक बजे सदर विधायक राजू यादव की बहन के शादी समारोह में शामिल होने आए थे। इस दौरान वह मीडिया से भी रूबरू हुए।
मुख्यमंत्री ने मीडिया से संक्षिप्त वार्ता में कहा कि जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया को देश की सेना और उसके जवानों के बारे में कुछ कहने से पहले उसका आधार तलाश लेना चाहिए था।
सेना के जवान और पुलिसकर्मी हमारी सुरक्षा के लिए होते हैं। उनके बारे में इस प्रकार के बयान देना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने मीडिया को भी उसकी जिम्मेदारी का अहसास दिलाया।
इस दौरान उन्होंने मुरादाबाद के बिलारी से विधायक हाजी इरफान की मौत पर दु:ख व्यक्त किया। वरवधू को आशीर्वाद देने के बाद मुख्यमंत्री लगभग आधा घंटे तक कार्यक्रम स्थल पर रुके। उसके बाद वापस सैफई चले गए।
पढ़ें कन्हैया का विवादित बयान
बता दें कि बीते दिनों कन्हैया ने जवानों को रेपिस्ट कहा था। उन्होंने कहा, हमारे सैनिकों के लिए हमारे मन में काफी सम्मान है। लेकिन फिर भी हम इस पर बात करेंगे कि कश्मीर में सुरक्षा बलों की ओर से महिलाओं का बलात्कार किया जाता है।
कन्हैया ने कहा कि रवांडा में युद्ध के दौरान एक हजार महिलाओं से बलात्कार हुआ। अफ्रीका में जातीय संघर्ष के दौरान जब सेना दूसरे समूह पर हमला करती थी तो पहले महिलाओं से बलात्कार किया जाता था।
आप गुजरात का उदाहरण लें, महिलाओं की न सिर्फ हत्या की गई, बल्कि पहले उनसे बलात्कार भी किया गया। इस बयान के बाद कन्हैया की मुश्किलें काफी बढ़ गईं और उन्हें लगातार आलोचना का शिकार होना पड़ रहा है।