{"_id":"3ed230bc670c89c9142380d03472476e","slug":"clock-tower-gets-satellite-connect-in-lohiya-park","type":"story","status":"publish","title_hn":"सेटेलाइट के इशारे पर चलेगा लोहिया पार्क का वक्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सेटेलाइट के इशारे पर चलेगा लोहिया पार्क का वक्त
ऋषि मिश्र/लखनऊ
Updated Tue, 22 Oct 2013 05:58 PM IST
विज्ञापन
डॉ. राममनोहर लोहिया पार्क के घंटाघर के लिए तीन बड़ी घड़ियों का सेट चेन्नई से आ गया है।
विज्ञापन
शुरुआती परीक्षण के बाद दो घड़ियों को घंटाघर में लगा भी दिया गया है। जबकि, एक घड़ी का परीक्षण अभी भी जारी है।
इन घड़ियों में समय सेट करने की जरूरत नहीं पड़ेगी, इनका टाइम सेटेलाइट के माध्यम से स्वत: सेट होता रहेगा।
इसकी मशीनरी में कोई भी चाबी सिस्टम नहीं है। ये घड़ियां इलेक्ट्रानिक हैं। दिन के केवल 12 घंटे इनमें घंटे बजेंगे, जबकि, रात में यह घड़ी खामोश रहेगी। बहुत जल्द ही तीसरी घड़ी भी सेट कर दी जाएगी।
गोमती नगर के डॉ. राममनोहर लोहिया पार्क के घंटाघर में लगी हुई तीनों घड़ियां लंबे समय से खराब थीं। इन घड़ियों की जगह इन दिनों एक कामचलाउ घड़ी समय बताती रही।
विज्ञापन
मगर अब यहां नई घड़ियां काम करने लगेंगी। डॉ. राममनोहर लोहिया पार्क वर्ष-2005 में बन कर तैयार हो गया था। तत्कालीन सरकार के समय में यह एक आकर्षक घंटाघर भी स्थापित किया गया था।
विज्ञापन
इस घंटाघर में तीन घड़ियां लगाई गई थी। जानकारी के मुताबिक, उस समय घड़ियों को लगवाने में करीब पांच लाख रुपए का खर्च आया था। इसके बाद सरकार बदल गई। देखरेख का अभाव रहा।
इस वजह से घड़ियां खराब हो गई थी। समाजवादी पार्टी की सरकार बने डेढ़ साल बाद घड़ियों की किस्मत बदल गई। करीब सात लाख रुपए कीमत की तीन घड़ियां चेन्नई की कंपनी यहां लगाएगी।
इन घड़ियों की टेस्टिंग 24 घंटे के हिसाब से की गई और इनमें से दो पूरी तरह से सही पाई गईं और उनको घंटाघर में सेट कर दिया गया है। जबकि, बची हुई एक घंटी का परीक्षण जारी है। इसको भी जल्द ही लगा दिया जाएगा।
इन घड़ियों की तकनीक कुछ ऐसी है कि सेटेलाइट के माध्यम से इनका समय एकदम सटीक रहेगा। इनमें घंटे सुबह के 6:00 बजे से लेकर केवल रात के 10:00 बजे तक ही बजेंगे। जबकि, बाकी पूरी रात घड़ी शांत रह कर ही चलेगी।