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Lucknow News: कठौता झील की सफाई शुरू, पांच लाख की आबादी को होगा फायदा

Tue, 08 Apr 2025 01:55 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 08 Apr 2025 01:55 AM IST
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Cleaning of Kathuta lake has started, five lakh population will be benefited
लखनऊ। विवादों के चलते एक साल से फंसी कठौता झील की सफाई सोमवार से शुरू हो गई। अब गर्मी में नहर बंद होने के दौरान इंदिरानगर और गोमतीनगर की करीब पांच लाख की आबादी का जल संकट दूर होगा। झील की सफाई पर 10.12 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह काम दो महीने में दो चरणों में पूरा होगा। सोमवार को मंडलायुक्त रोशन जैकब ने इसका निरीक्षण भी किया।
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गोमतीनगर स्थित तीसरे जलकल को कठौता झील से पानी मिलता है। झील में शारदा सहायक नहर से पानी आता है, जिसमें बालू और मिट्टी भी आ जाती है। कई वर्ष से सफाई न होने के कारण 17 फीट गहरी झील में सात से आठ फीट तक करीब 6.50 लाख क्यूबिक मीटर बालू-मिट्टी जमा हो गई है। ऐसे में झील की पानी भंडारण क्षमता कम हो गई है।
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झील में जिस नहर से पानी आता है, वह साल में दो बार मरम्मत के लिए एक-एक महीने बंद की जाती है। झील में अधिकतम उतना ही पानी एकत्र होता है, जिससे करीब 28 दिन तक आपूर्ति हो सके। ऐसे में नहर से आपूर्ति बंद होने पर जल संकट खड़ा हो जाता है। बीते साल झील की सफाई बिना टेंडर कराने पर विवाद हो गया था। इससे काम रुकवाना पड़ा था।
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17 मई से बंद हो जाएगी नहर
जलकल महाप्रबंधक कुलदीप सिंह ने बताया कि 17 मई से शारदा सहायक नहर एक महीने तक बंद रहेगी। ऐसे में झील की सफाई 30 अप्रैल तक कराई जाएगा, क्योंकि झील को भरने में 20 से 25 दिन का समय लगता है। यह भी तय हुआ है कि 30 अप्रैल तक झील के उस हिस्से में ही सफाई होगी, जहां पानी नहीं है और चार से पांच फीट तक बालू जमा है।
पहले बालू-मिट्टी उठान को लेकर था विवाद
झील की सफाई के लिए एक साल पहले एक एजेंसी से अनुबंध हुआ। एजेंसी झील से निशुल्क बालू-मिट्टी उठाने को तैयार थी। इसे लेकर विवाद शुरू हुआ। मामला बढ़ने पर काम रुक गया। तब से अब तक झील की सफाई नहीं हो सकी है।
पानी में सफाई करने वाली मशीन लाने की हो रही बात
इस बार जल निगम को सफाई करनी है। उससे यह बात भी की जा रही है कि जब नहर चालू होगी तो उस समय पानी बंद किए बिना ही बालू-मिट्टी निकालने वाली मशीन लाकर सफाई की जाए। महाप्रबंधक ने बताया कि झील की सफाई को लेकर जल निगम से बजट पर बात नहीं बन पा रही थी। अब जाकर बात बनी है। पहले जल निगम करीब दोगुना बजट मांग रहा था।






मशीनों से होगी गहराई तक सफाई



झील के बीच वाले हिस्से की सफाई ड्रेजिंग मशीन से होगी। इससे पानी की गहराई तो बढ़ेगी ही, झील की कुल क्षमता भी सुधरेगी। अभी यहां 15 पोकलैंड मशीनें और डंपर से मिट्टी बाहर निकाली जा रही है।
मिट्टी का होगा सही इस्तेमाल



झील से निकाली जाने वाली मिट्टी अकबरनगर इलाके और मनोरथा गोशाला के निर्माण में इस्तेमाल होगी। नगर निगम और एलडीए के प्रोजेक्ट्स में भी इसका उपयोग होगा।

कठौता झील की सफाई का काम सोमवार से शुरू हो गया है। झील में जमा मिट्टी और बालू की सफाई होने के बाद झील की क्षमता तीन से चार गुना तक बढ़ जाएगी।

इंद्रजीत सिंह, नगर आयुक्त
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