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कमीशन को लेकर आपस में भिड़े राजकीय निर्माण निगम के इंजीनियर व ठेकेदार, दर्ज कराई FIR

Wed, 13 Dec 2017 08:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 13 Dec 2017 08:43 PM IST
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clash between uprnn engineer and contractor over commission

लखनऊ के हजरतगंज में नवनिर्मित विधायक निवास में विद्युत कार्य को लेकर उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड (यूपीआरएनएन) विद्युत इकाई-प्रथम के अपर परियोजना प्रबंधक सत्यवीर सिंह यादव और ठेकेदार कंपनी मेसर्स सेवा डवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक शिवराम पांडेय आपस में भिड़ गए। दोनों ने एक-दूसरे पर केस दर्ज कराया है।

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सत्यवीर सिंह ने ठेकेदार और उसके साथियों पर फर्जी दस्तावेज बनाकर ब्लैकमेल करने, अभद्रता, गाली-गलौज, जानमाल की धमकी तथा सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने का आरोप लगाया है जबकि शिवराम का कहना है कि वह भुगतान के बदले 50 प्रतिशत कमीशन मांग रहे हैं। इंस्पेक्टर आनंद शाही का कहना है कि दोनों पक्ष से साक्ष्य मांगे गए हैं।
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इंस्पेक्टर ने बताया कि दारुलशफा में लोकतांत्रिक कांग्रेस के कार्यालय स्थल पर 11 मंजिला विधायक निवास का निर्माण हुआ है। उक्त इमारत में विद्युत कार्यों के लिए 13 जुलाई 2015 को महानगर निवासी शिवराम पांडेय की कंपनी मेसर्स सेवा डवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड से अनुबंध किया गया था।
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ठीक एक साल बाद कंपनी ने 70 लाख रुपये का काम दिखाते हुए 60 लाख रुपये भुगतान की मांग की। सत्यवीर ने बिल की जांच कराई तो यह 3.24 लाख रुपये का निकला। इस पर यूपीआरएनएन ने सिक्योरिटी मनी, इनकम टैक्स व टर्नओवर टैक्स काटकर 2.88 लाख रुपये का भुगतान कर दिया। सत्यवीर का कहना है कि शिवराम पांडेय ने भुगतान के लिए फर्जी बिल लगाए थे।

करीब पांच महीने से भुगतान के लिए दौड़ाने का आरोप

clash between uprnn engineer and contractor over commission

भुगतान नहीं किया गया तो उन्होंने यूपीआरएनएन के इंजीनियर वीके सिंह व राजीव कुमार पर आरोप लगाते हुए अतिरिक्त महाप्रबंधक (विद्युत अंचल एक) को शिकायत की। 12 जुलाई 2016 को ऑफिस आकर गाली-गलौज व जानमाल की धमकी भी दी।

शिवराम के साथी बीएन शुक्ला ने अभियंताओं पर दबाव बनाने के लिए हजरतगंज कोतवाली में फर्जी दस्तावेज बनाकर शिकायत की। ठेकेदार व उसके सहयोगी की शिकायतों पर किसी ने संज्ञान नहीं लिया तो छह जून 2017 को वह चार-पांच असलहाधारियों के साथ कार्यालय आया और धमकी दी। कर्मचारियों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। इसके बाद सत्यवीर ने हजरतगंज कोतवाली में केस दर्ज कराया।

उधर, शिवराम पांडेय का कहना है कि उसने 34 करोड़ रुपये का ठेका लिया था, जिसमें से विद्युत का काम करीब साढ़े पांच करोड़ रुपये का था। शिवराम ने अपर परियोजना प्रबंधक सत्यवीर पर भुगतान रोकने और 50 प्रतिशत कमीशन मांगने का आरोप लगाया।

उसने कहा कि कमीशन देने से मना करने पर सत्यवीर ने दुर्व्यवहार करते हुए कार्यालय से भगा दिया। करीब पांच महीने से सत्यवीर उसे भुगतान के लिए दौड़ा रहा है।

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