BJP के 'नागिन बोल' का आजम ने पीटा ढोल!
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नागिन वाले बयान पर सपा नेता व मंत्री मो. आजम खॉं और भाजपा में ठन गई है। आजम ने कहा कि भाजपा हमेशा बदले की भावना से काम करती है।
उन्होंने चेताया कि भाजपा सत्ता के नशे मे चूर नफरत का माहौल पैदा करने का दुस्साहस न करे। उधर भाजपा ने कहा है कि प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी अपने बयान पर कायम हैं। रही आजम के बयान की बात तो वह हताशा में इस तरह की बाते बोल रहे हैं।
वाजपेयी ने शनिवार को मुरादाबाद में कहा था कि भाजपा कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न करने वाले मुरादाबाद के एसएसपी को उन्होंने नागिन की तरह आंखों में उतार लिया है। वह एसएसपी को चैन से नहीं बैठने देंगे।
आजम का वार
आजम खां ने भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी का बयान इस बात को उजागर करता है कि यह पार्टी हमेशा बदले की भावना से कार्य करती है। चाहे उससे समाज और राष्ट्र का कितना अहित क्यों न हो।
वाजपेयी के बयान की जितनी भी निंदा की जाए वह कम ही है। प्रदेश में होने वाले विधानसभा उपचुनावों के मद्देननजर बीजेपी एक बार फिर खौफ और दहशत का माहौल बनाकर अपने पक्ष में माहौल बनाना चाहती है।
वाजपेयी को यह बात नहीं भूलनी चाहिए कि इस वक्त देश की सत्ता उनकी अपनी पार्टी के हाथों में है। वह सत्ता के नशे में चूर होकर प्रदेश व देश में नफरत का माहौल पैदा करने का दुस्साहस न करें, बल्कि इस सत्ता के जरिये वे सभी धर्म, संप्रदाय व जाति के लोगों को प्यार, मोहब्बत और एकता के सूत्र में पिरोने की कोशिश करें।
ऐसा करने से ही मुल्क में अम्नो-अमान कायम होगा और उसकी तरक्की व खुशहाली का मार्ग प्रशस्त होगा।
भाजपा का पलटवार
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता डॉ मनोज मिश्र ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष अपने बयान पर कायम हैं। उनका कथन संविधान की भावना के अनुरूप है। भारतीय पुलिस सेवा सहित अन्य सभी अधिकारी संवैधानिक व्यवस्था के अनुरूप कार्य करने के लिए हैं।
पर, मुरादाबाद के एसएसपी का आचरण सपा के नेता व प्रवक्ता जैसा है। यह अधिकारी के रूप में उनके द्वारा ली गई शपथ का उल्लंघन है। जिस पर कार्रवाई हो सकती है। आजम खॉ का बयान हास्पास्यद है।
भाजपा बदला लेने वाली नहीं बल्कि न्याय की राह पर चलने वाली पार्टी है। मुरादाबाद में धार्मिकस्थल से लाउडस्पीकर हटाने का कार्य आजम के करीबी विधायक की चिट्ठी पर हुआ था। भाजपा अपने कार्यकर्त्ताओं के उत्पीड़न पर न तो चुप बैठेगी और न उन्हें अकेले छोड़ेगी।
जिन अधिकारियों ने निर्दोष भाजपा कार्यकर्त्ताओं का उत्पीड़न किया है और राजनीतिक निष्ठा के नाते कार्रवाई की है। पार्टी उनसे संविधान के दायरे में रहकर सड़क से लेकर न्यायलय तक लड़ाई लड़ेगी।