साबिर पर अब सफाई दे रही भाजपा
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साबिर अली पर भाजपा सफाई देते फिर रही है। पार्टी का कहना है कि साबिर अली को भाजपा की बिहार इकाई की संस्तुति पर पार्टी में शामिल किया गया था।
साबिर के पुराने रिकॉर्ड में भी कहीं ऐसी बात नहीं थी, जिस कारण उन्हें भाजपा में लेने में आपत्ति हो। ये बातें पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने रविवार को राजधानी में आयोजित एक प्रेस वार्ता में कही।
त्रिवेदी ने कहा कि जैसे ही विवाद शुरू हुआ तो खुद साबिर अली ने भाजपा से अनुरोध किया कि उनकी सदस्यता स्थगित कर दी जाए।
इस पर पार्टी ने उनकी सदस्यता निरस्त कर दी है। वहीं, मुख्तार अब्बास नकवी ने भी ट्विटर पर की गई अपनी टिप्पणी डिलीट कर दी है।
पार्टी राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कांग्रेस को कोसा
हालांकि जब त्रिवेदी से यह पूछा गया कि साबिर अली को भाजपा में शामिल किए जाने के समय वे भी मौजूद थे।
इस पर उन्होंने कहा कि जिस तरह आज लखनऊ में उनकी पत्रकार वार्ता हो रही है, उस दिन बिहार में थी।
पत्रकार वार्ता के बाद ही साबिर अली को भाजपा में शामिल करने का कार्यक्रम कर लिया गया। इस कारण वे भी वहां मौजूद थे।
सुधांशु त्रिवेदी ने एनडीए के कार्यकाल में हुए आर्थिक विकास का ब्यौरा भी रखा। उन्होंने कहा कि एनडीए के कार्यकाल में छह करोड़ रोजगार सृजित हुए थे।
कांग्रेस ने देश से रोजगार छीन लिया और मनरेगा दे दिया। सड़कों के सुधार की जो योजना अटल बिहारी वाजपेयी के शासन काल से शुरू हुई वह मील का पत्थर साबित हुई है।
नेशनल हाईवे व स्वर्णिम चतुर्भुज योजना भी उसी समय शुरू हुई थी। उन्होंने कहा कि एनडीए शासनकाल में ही आर्थिक मोर्चे पर देश ने सबसे अधिक प्रगति की थी।
भाजपा से क्यों निकाले गए साबिर
साबिर के पार्टी में आने के बाद काफी हो-हल्ला मच गया था। उनके शामिल होने के बाद बीजेपी में बड़ा बवाल खड़ा हो गया था।
भाजपा का मुस्लिम चेहरा कहे जाने वाले मुख्तार अब्बास नकवी ने ट्वीट कर अपनी नाराजगी का इजहार किया था तो कई और भी नेता उनके पक्ष में आ गए थे।
RSS ने भी भाजपा को साबिर से पीछा छुड़ाने के लिए कह दिया था। अब साबिर को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है तो देखना ये होगा कि जेडीयू और भाजपा से निकाले जाने के बाद साबिर को आसरा कहां मिलेगा?
साबिर अली ने लिखी थी चिट्ठी
जेडीयू छोड़कर भाजपा में शामिल हुए बिहार के मुस्लिम नेता साबिर अली ने एक चिट्ठी लिखी थी। भाजपा अध्यक्ष को लिखी इस चिट्ठी में उन्होंने कहा था कि उनके भाजपा में शामिल होने को फिलहाल स्थगित कर दिया जाए।
उन्होंने कहा है कि पहले भाजपा जांच करा ले कि उनका दामन पाक साफ है या नहीं। साबिर ने कहा कि अगर उन पर लगे आरोपों में सच्चाई पाई जाती है तो वे राजनीति से सन्यास ले लेंगे।
मोदी पर पूर्व में दिए अपने बयानों पर साबिर ने कहा कि मैंने वही कहा जो जेडीयू ने मुझसे कहलवाया। मुझे मोदी या भाजपा दोनों से ही कोई परेशानी नहीं है।