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Lucknow News: मृत को जिंदा बताकर पांच दिन वेंटिलेटर पर रखा
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लखनऊ। ठाकुरगंज के निजी अस्पताल में मृत मरीज को जिंदा बताकर पांच दिन तक वेंटिलेटर पर रखा गया। तीमारदारों से पांच लाख रुपये वसूले गए। इसकी शिकायत पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लेते हुए चिकित्सा शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव वी हेकाली झिमोमी को जांच के निर्देश देने के साथ डीएम को समन जारी कर जवाब मांगा है।
सीतापुर के अटरिया दरियापुर गांव निवासी डेंगू पीड़ित विशाल पांडेय को ठाकुरगंज के अस्पताल में 20 अक्तूबर 2024 को भर्ती किया गया। हालत गंभीर होने पर वेंटिलेटर पर रखा गया। परिजनों का आरोप था कि मौत के बाद भी विशाल को पांच दिन वेंटिलेटर पर रखा गया। जब वे जबरन वार्ड में घुसे तो विशाल को मृत पाया। उसके शरीर से दुर्गंध आ रही थी। इसके बाद परिवारीजनों ने हंगामा किया था।
आख्या सहित पेश होने का आदेश
विशाल के परिचित महाराष्ट्र के ठाणे निवासी आसिफ आबिद खान ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में मामले की शिकायत दर्ज कराई। आयोग ने 21 जनवरी 2025 को डीएम को आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। 22 अगस्त 2025 को पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट की आख्या मिली। इसमें चिकित्सकीय विशेषज्ञ की राय मांगे जाने का जिक्र था। 30 जनवरी 2026 को डीएम को दो सप्ताह में आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए पर जवाब नहीं मिला। इस पर आयोग ने नाराजगी जताई। मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम के तहत डीएम को समन जारी किया गया। आयोग ने डीएम को आख्या सहित आठ दिसंबर को सुबह 11 बजे नई दिल्ली स्थित आयोग के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया है। यह भी कहा है कि एक दिसंबर तक आख्या उपलब्ध करा दी जाती है तो व्यक्तिगत उपस्थिति की जरूरत नहीं होगी।
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वर्जन
मानवाधिकार आयोग ने जांच रिपोर्ट मांगी है। इसे तैयार कराया जा रहा है। शिकायतकर्ता को बयान दर्ज कराने के लिए कई बार पत्र भेजा पर वह नहीं आया। पूरे मामले की रिपोर्ट भिजवाई जा रही है।
- डॉ. एनबी सिंह, सीएमओ
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सीतापुर के अटरिया दरियापुर गांव निवासी डेंगू पीड़ित विशाल पांडेय को ठाकुरगंज के अस्पताल में 20 अक्तूबर 2024 को भर्ती किया गया। हालत गंभीर होने पर वेंटिलेटर पर रखा गया। परिजनों का आरोप था कि मौत के बाद भी विशाल को पांच दिन वेंटिलेटर पर रखा गया। जब वे जबरन वार्ड में घुसे तो विशाल को मृत पाया। उसके शरीर से दुर्गंध आ रही थी। इसके बाद परिवारीजनों ने हंगामा किया था।
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आख्या सहित पेश होने का आदेश
विशाल के परिचित महाराष्ट्र के ठाणे निवासी आसिफ आबिद खान ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में मामले की शिकायत दर्ज कराई। आयोग ने 21 जनवरी 2025 को डीएम को आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। 22 अगस्त 2025 को पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट की आख्या मिली। इसमें चिकित्सकीय विशेषज्ञ की राय मांगे जाने का जिक्र था। 30 जनवरी 2026 को डीएम को दो सप्ताह में आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए पर जवाब नहीं मिला। इस पर आयोग ने नाराजगी जताई। मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम के तहत डीएम को समन जारी किया गया। आयोग ने डीएम को आख्या सहित आठ दिसंबर को सुबह 11 बजे नई दिल्ली स्थित आयोग के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया है। यह भी कहा है कि एक दिसंबर तक आख्या उपलब्ध करा दी जाती है तो व्यक्तिगत उपस्थिति की जरूरत नहीं होगी।
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मानवाधिकार आयोग ने जांच रिपोर्ट मांगी है। इसे तैयार कराया जा रहा है। शिकायतकर्ता को बयान दर्ज कराने के लिए कई बार पत्र भेजा पर वह नहीं आया। पूरे मामले की रिपोर्ट भिजवाई जा रही है।
- डॉ. एनबी सिंह, सीएमओ