{"_id":"6855c2cb79dc83552a06991f","slug":"claim-countrys-first-four-year-bcom-batch-passed-out-from-lu-lucknow-news-c-13-1-lko1028-1259220-2025-06-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"दावा : लविवि से पास हुआ देश का पहला चार वर्षीय बीकॉम बैच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दावा : लविवि से पास हुआ देश का पहला चार वर्षीय बीकॉम बैच
Sat, 21 Jun 2025 01:51 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sat, 21 Jun 2025 01:51 AM IST
विज्ञापन
दावा : लविवि से पास हुआ देश का पहला चार वर्षीय बीकॉम बैच
लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत संचालित बीकॉम पाठ्यक्रम के आठवें सेमेस्टर का परीक्षा परिणाम घोषित कर देश में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह बताते हुए कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार राय ने दावा किया कि विवि देश का पहला संस्थान बन गया है, जहां चार वर्षीय बीकॉम स्नातक पाठ्यक्रम का पहला बैच सफलतापूर्वक पास हुआ है।
कुलपति ने बताया कि यह परिणाम एनईपी के अंतर्गत शुरू हुई समग्र और बहुविषयक शिक्षा प्रणाली की पहली बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह कदम छात्रों को लचीली, गुणवत्ता युक्त और आधुनिक शिक्षा की दिशा में मजबूत आधार देगा।
परीक्षा में कुल 25 नियमित छात्रों ने भाग लिया और सभी उत्तीर्ण हुए। सर्वाधिक अंक 80.17 प्रतिशत तथा न्यूनतम 74.67 प्रतिशत दर्ज किए गए। दो छात्रों को 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त हुए जबकि शेष 23 छात्रों ने 70 से 79 प्रतिशत अंक अर्जित किए, जो विद्यार्थियों की बेहतर शैक्षणिक गुणवत्ता को दर्शाता है।
विज्ञापन
परीक्षा नियंत्रक डॉ. विद्यानंद त्रिपाठी के अनुसार परीक्षा में कोई भी छात्र अनुपस्थित नहीं रहा, न ही किसी पर अनुचित साधन (यूएफएम) का मामला सामने आया। साथ ही सभी छात्रों की फीस समय पर जमा थी। परीक्षा अधीक्षक प्रो. राम मिलन की निगरानी में यह परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई गई।
विज्ञापन
कुलपति ने बताया कि यह परिणाम एनईपी के अंतर्गत शुरू हुई समग्र और बहुविषयक शिक्षा प्रणाली की पहली बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह कदम छात्रों को लचीली, गुणवत्ता युक्त और आधुनिक शिक्षा की दिशा में मजबूत आधार देगा।
विज्ञापन
परीक्षा में कुल 25 नियमित छात्रों ने भाग लिया और सभी उत्तीर्ण हुए। सर्वाधिक अंक 80.17 प्रतिशत तथा न्यूनतम 74.67 प्रतिशत दर्ज किए गए। दो छात्रों को 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त हुए जबकि शेष 23 छात्रों ने 70 से 79 प्रतिशत अंक अर्जित किए, जो विद्यार्थियों की बेहतर शैक्षणिक गुणवत्ता को दर्शाता है।
विज्ञापन
परीक्षा नियंत्रक डॉ. विद्यानंद त्रिपाठी के अनुसार परीक्षा में कोई भी छात्र अनुपस्थित नहीं रहा, न ही किसी पर अनुचित साधन (यूएफएम) का मामला सामने आया। साथ ही सभी छात्रों की फीस समय पर जमा थी। परीक्षा अधीक्षक प्रो. राम मिलन की निगरानी में यह परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई गई।