फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   civil work start soon

जयपुर के पैतरों पर चलेगी लखनऊ की मेट्रो

Thu, 31 Oct 2013 02:54 AM IST
ऋषि मिश्र/लखनऊ
ऋषि मिश्र/लखनऊ Updated Thu, 31 Oct 2013 02:54 AM IST
विज्ञापन
civil work start soon

मेट्रो परियोजना को सरकार अपने दम पर चलाएगी, इस निर्णय के बाद में अब सिविल कार्यों को बहुत तेजी से शुरू करने का भी फैसला किया गया है।

विज्ञापन


एक ही टेंडर के जरिए पूरा सिविल वर्क किया जाएगा। यह टेंडर लगभग 400 करोड़ रुपये का होगा। सिविल वर्क के तहत पिलर और स्टेशन बनाने के अलावा ट्रैक का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा।
विज्ञापन


टेंडर की ड्राफ्टिंग का काम दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन कर रहा है। टेंडर प्रक्रिया नवंबर में शुरू होगी।

बचे मैकेनिकल और रोलिंग स्टॉक से जुड़े वर्क के लिए सरकार अलग से धन की व्यवस्था करेगी।

मेट्रो की हाईपावर कमेटी की मीटिंग में बीते रोज मुख्य सचिव जावेद उस्मानी की ओर से घोषणा की गई कि यूपी कैबिनेट स्तर पर सहमति लेकर अमौसी से आलमबाग तक काम शुरू करा दिया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


दिसंबर को इसके लिए डेडलाइन माना गया है। इसके बाद में एक ओर तो कैबिनेट में सहमति के लिए प्रस्ताव बनाने का आगाज मेट्रो सेल के अधिकारियों ने शुरू कर दिया है तो दूसरी ओर सिविल वर्क की टेंडर प्रक्रिया के लिए भी प्रारूप बनाया जा रहा है।

एक ही कंपनी को सात किमी का काम
अमौसी से आलमबाग तक एक ही तरह का सिविल वर्क है। इस स्ट्रेच में केवल उपरगामी मेट्रो ही चलेगी। इसमें लगभग 60 करोड़ रुपये प्रति किमी का खर्च आएगा।

लगभग 400 करोड़ रुपये का कुल टेंडर किया जाएगा। इस टेंडर को डीएमआरसी बना रहा है। 2015 के आखिर तक यह काम खत्म करने का लक्ष्य तय किया गया है।

इस काम के खत्म होने के बाद मैकेनिकल, रोलिंग स्टॉक और आखिरकार सिग्नलिंग का काम होगा।

अगले एक साल में यह काम भी खत्म कर लिया जाएगा। 2016 में मेट्रो रेल संचालन का आगाज होगा।

जयपुर से मिली प्रेरणा
जयपुर से सरकार को अपने दम पर मेट्रो चलाने की प्रेरणा मिली। राजस्थान सरकार को केंद्र से अनुमति के लिए अब केंद्रीय कैबिनेट में प्रस्ताव जा रहा है।

डीपीआर 2010 में जमा की गई थी। इस बीच राजस्थान सरकार से अनुमति लेकर काम का आगाज करा दिया गया था।

इससे यहां पर पहले स्ट्रेच का ट्रायल रन भी शुरू हो गया। इसी तर्ज पर लखनऊ में भी काम शुरू किया जाएगा।

अगली कैबिनेट मीटिंग में ही लेंगे सहमति
मेट्रो सेल की कोशिश है कि अगली कैबिनेट मीटिंग में ही मेट्रो के निर्माण शुरू करने की अनुमति ले ली जाए। इसके लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है।

अधिकारियों का कहना है कि मेट्रो के लिए अगली कैबिनेट बैठक में फैसला हो सकता है। इसके लिए कैबिनेट नोट बनाने का काम जल्द शुरू कर दिया जाएगा।

अभी किसी भी तरह का टैक्स नहीं
आवास विकास परिषद, लखनऊ विकास प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास प्राधिकरण मिल कर 450 करोड़ रुपये मेट्रो के लिए देंगी।

ऐसे में किसी भी तरह के कर का प्राविधान फिलहाल जनता पर नहीं किया जाना है।

इस बारे में मेट्रो सेल के अधिकारियों का कहना है कि जब तक मेट्रो सेवा शुरू नहीं होती, तब तक किसी भी तरह का सीधा बोझ जनता पर नहीं डालेंगे। सिविल कार्य दो साल चलेंगे, उतना बजट फिलहाल मिल जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed