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Lucknow News: शोधित पानी से धुलेंगी शहर की सड़कें
Thu, 12 Dec 2024 12:31 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Thu, 12 Dec 2024 12:31 PM IST
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रायबरेली। धूल को उड़ने से रोकने के लिए नगर पालिका शहर की सड़कों की धुलाई कराएगा। पानी की बर्बादी न हो, इसके लिए पालिका ने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) में शोधित होने वाले पानी का प्रयोग करने की योजना बनाई है। पालिका सड़कों की धुलाई और पानी छिड़काव के लिए पहले ही वाटर स्प्रिंकलर मशीन की खरीद कर चुका है।
दरअसल, शहर में धूल कणों की वजह से वायु प्रदूषण का खतरा ज्यादा रहता है। यह केवल एक बार की समस्या नहीं है। ये हालात हर वर्ष या यूं कहें कि वर्षभर रहते हैं। इससे नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। वायु प्रदूषण रोकने और नागरिकों को उड़ते धूल के कणों से राहत दिलाने के लिए नगर पालिका यह कदम उठाएगा।
एसटीपी में शोधित पानी को स्टोर करने के लिए एक टैंक का निर्माण किया गया है। इस शोधित पानी को वाटर स्प्रिंकलर मशीन से सड़कों की धुलाई के साथ पेड़ों पर भी छिड़काव होगा। शहर की जेल रोड, घोसियाना, एसपी आवास रोड के अलावा इंदिरा नगर सड़क की धुलाई होगी। धूल के कणों से उड़ने से लोगों को परेशानी होती है। पालिकाध्यक्ष शत्रोह्न सोनकर ने बताया कि बृहस्पतिवार से वाटर स्प्रिंकलर मशीन से शहर की सड़कों की धुलाई का कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
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वायु प्रदूषण होगा कम
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी स्वर्ण सिंह के मुताबिक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट जैतूपुर (एसटीपी) की 18 एमएलडी की क्षमता है। यहां पर मौजूदा समय में 5.5 एमएलडी सीवर का पानी आता है, जिसे शोधित किया जाता है। कुछ पानी एसटीपी में बने टैंक में रखा जाता है तो कुछ पानी सई नदी मेंं छोड़ दिया जाता है। इस शोधित पानी से अब शहर की सड़कों की धुलाई करने का निर्णय लिया गया है। ऐसा होने से शहर की सड़कें जहां चमाचम हो सकेंगी। नागरिकों को भी धूल के कणों से राहत मिलेगी। वायु प्रदूषण का खतरा भी कम हो सकेगा।
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दरअसल, शहर में धूल कणों की वजह से वायु प्रदूषण का खतरा ज्यादा रहता है। यह केवल एक बार की समस्या नहीं है। ये हालात हर वर्ष या यूं कहें कि वर्षभर रहते हैं। इससे नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। वायु प्रदूषण रोकने और नागरिकों को उड़ते धूल के कणों से राहत दिलाने के लिए नगर पालिका यह कदम उठाएगा।
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एसटीपी में शोधित पानी को स्टोर करने के लिए एक टैंक का निर्माण किया गया है। इस शोधित पानी को वाटर स्प्रिंकलर मशीन से सड़कों की धुलाई के साथ पेड़ों पर भी छिड़काव होगा। शहर की जेल रोड, घोसियाना, एसपी आवास रोड के अलावा इंदिरा नगर सड़क की धुलाई होगी। धूल के कणों से उड़ने से लोगों को परेशानी होती है। पालिकाध्यक्ष शत्रोह्न सोनकर ने बताया कि बृहस्पतिवार से वाटर स्प्रिंकलर मशीन से शहर की सड़कों की धुलाई का कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
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वायु प्रदूषण होगा कम
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी स्वर्ण सिंह के मुताबिक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट जैतूपुर (एसटीपी) की 18 एमएलडी की क्षमता है। यहां पर मौजूदा समय में 5.5 एमएलडी सीवर का पानी आता है, जिसे शोधित किया जाता है। कुछ पानी एसटीपी में बने टैंक में रखा जाता है तो कुछ पानी सई नदी मेंं छोड़ दिया जाता है। इस शोधित पानी से अब शहर की सड़कों की धुलाई करने का निर्णय लिया गया है। ऐसा होने से शहर की सड़कें जहां चमाचम हो सकेंगी। नागरिकों को भी धूल के कणों से राहत मिलेगी। वायु प्रदूषण का खतरा भी कम हो सकेगा।