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यूपी: 'राम ने किसी अल्पसंख्यक को मारा होता तो हम कहे जाते सांप्रदायिक', संजय सिंह को सीईओ का तीखा जवाब

Tue, 27 Oct 2026 08:49 AM IST
Bhupendra Singh अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: Bhupendra Singh Updated Tue, 27 Oct 2026 08:49 AM IST
सार

वोटर लिस्ट में 'राम ने यादव को मारा' नाम पर आप सांसद संजय सिंह द्वारा जातिवाद का आरोप लगाने पर सीईओ कार्यालय ने तंज कसते हुए जवाब दिया कि सॉफ्टवेयर जातिवादी नहीं है और सूची में 'राम ने शर्मा को मारा' नाम भी शामिल है। इस तीखी बयानबाजी पर कांग्रेस के हमले के बाद भारत निर्वाचन आयोग ने सीईओ कार्यालय को अनावश्यक टिप्पणियों से बचने और केवल तथ्यों तक सीमित रहने के निर्देश जारी किए।

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CEO office responds to Sanjay Singh casteist allegation over Ram killed Yadav name in voter list
यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय ने मतदाता सूची में अजीबोगरीब नाम पर विपक्ष के हमलों का उसी भाषा में जवाब दिया। आप सांसद संजय सिंह ने एक्स के माध्यम से सवाल उठाया कि सूची में नाम राम ने यादव को मारा ही क्यों आया। 
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इस पर सीईओ कार्यालय ने एक्स के माध्यम से ही जवाब दिया कि हालिया विधान परिषद के चुनाव की मतदाता सूची में एक अजीबोगरीब नाम राम ने शर्मा को मारा भी है। कंप्यूटर या सॉफ्टवेयर जातिवादी नहीं है। भगवान का यह भी शुक्र है की राम ने किसी अल्पसंख्यक को नहीं मारा है। नहीं तो जातिवादी होने के साथ-साथ सांप्रदायिक होने का इल्जाम भी लगता। 
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बता दें, आप सांसद संजय सिंह ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को संबोधित करते हुए लिखा था कि आखिर राम ने यादव को ही क्यों मारा? राम ने किसी सिंह, पाठक, अस्थाना, शर्मा, राय, बिष्ट को क्यों नही मारा?
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आयोग ने दिए अनावश्यक टिप्पणी से बचने के निर्देश

कांग्रेस की प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने मुख्य निर्वाचन कार्यालय के एक्स एकाउंट की इस पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए लिखा कि इस हैंडल को कौन चला रहा है। वैसे भी कोई खास विश्वसनीयता आप लोगों (चुनाव आयोग) की बची नहीं है। जो थोड़ा बहुत भ्रम है, वो यह हैंडल अकेले निपटाए दे रहा है। 


इस पर सीईओ कार्यालय ने एक्स पर जवाब दिया कि प्रत्येक मामले में संयत भाषा का प्रयोग करते हुए बिना अनावश्यक टिप्पणी के केवल तथ्यों तक ही अपनी बात सीमित रखने के निर्देश भारत निर्वाचन आयोग द्वारा दे दिए गए हैं।
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