CISF के डीजी ओम प्रकाश सिंह होंगे यूपी के नए डीजीपी, 3 जनवरी को संभालेंगे कार्यभार
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यूपी के वर्तमान डीजीपी सुलखान सिंह का कार्यकाल पूरा होने के आखिरी दिन प्रदेश के नए डीजीपी का चयन कर लिया गया। सीआईएसएफ में डीजी के तौर पर सेवाएं दे रहे ओमप्रकाश सिंह उत्तर प्रदेश के नए डीजीपी होंगे। वो 3 जनवरी 2018 से कार्यभार संभालेंगे। उनका कार्यकाल ढाई साल का होगा।
प्रदेश के प्रमुख सचिव गृह, अरविंद कुमार ने बताया कि ओपी सिंह के कार्यभार ग्रहण करने तक आनंद कुमार एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) कार्यभार संभालेंगे। उन्होंने बताया कि केंद्रीय कार्यवाही पूरी करने में दो से तीन दिन का वक्त लग सकता है।
ओपी सिंह 1983 बैच के आईपीएस अफसर हैं। ओपी सिंह अल्मोड़ा (अब उत्तराखंड में), खीरी, बुलंदशहर, लखनऊ, इलाहाबाद और मुरादाबाद के एसएसपी रह चुके हैं। खीरी में उनका सबसे लंबा कार्यकाल डेढ़ वर्ष रहा। सबसे पहले बतौर ट्रेनी एएसपी वाराणसी में उनकी पहली पोस्टिंग हुई थी।
शिया-सुन्नी समझौता कराने में रहे थे कामयाब
ओपी सिंह को लखनऊ में अरसे से चले आ रहे शिया-सुन्नी विवाद को सुलझाए जाने के लिए भी जाना जाता है। 1998 में उन्होंने दोनों पक्षों में समझौता कराकर 20 वर्ष से अधिक समय से प्रतिबंधित जुलूस निकलवाया था।
चार अधिकारियों को सुपरसीड कर बने डीजी
ओपी सिंह चार सीनियर आईपीएस अधिकारियों को सुपरसीड कर डीजीपी बने हैं। ग्रेडेशन लिस्ट के अनुसार सुलखान सिंह के रिटायर होने के बाद सबसे वरिष्ठ अधिकारी प्रवीण सिंह हैं। दूसरा नंबर डॉ. सूर्य कुमार का, तीसरा राजीव राय भटनागर और चौथा नंबर गोपाल गुप्ता का है। इनमें से राजीव राय भटनागर का कार्यकाल भी दो वर्ष का बचा है। ओपी सिंह का नाम अंतिम समय तक गोपनीय रखा गया।
शनिवार देर रात मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार और प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल की बैठक के बाद उनका नाम फाइनल किया गया और रात में ही ई-मेल से केंद्र सरकार को सूचना दी गई थी। प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार ने बताया कि नए डीजीपी के जॉइन करने तक एडीजी कानून-व्यवस्था आनंद कुमार के पास डीजीपी का चार्ज रहेगा।