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सीआईएससीई : सवाल आसान, पर एक जैसे विकल्पों ने उलझाया
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लखनऊ। काउंसिल फॉर दी इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशंस (सीआईएससीई) की कक्षा 12 की पहली बोर्ड सेमेस्टर परीक्षा 22 नवंबर से शुरू हुई। पहली बार ओएमआर शीट पर बोर्ड परीक्षा दे रहे छात्र एक समान विकल्पों में उलझ कर रह गए। छात्रों के अनुसार एक बारगी विकल्पों को देख लगा कि सभी विकल्प सही हैं। काफी सोच-समझकर सही विकल्प लिखना पड़ा।
पहले दिन इंग्लिश पेपर टू की परीक्षा हुई। छात्रों को बुकलेट दी गई, जिसमें प्रश्न पत्र के साथ ओएमआर शीट भी थी। परीक्षा खत्म होने के बाद छात्रों को प्रश्न पत्र समेत पूरी बुकलेट वापस करनी पड़ी। प्रश्न के साथ उत्तर के रूप में चार विकल्प दिए हुए थे। सही विकल्पों को छात्रों को ओएमआर शीट पर लिखना था। छात्रों ने बताया कि प्रश्न तो आसान पूछे गए थे, लेकिन उनके चार विकल्प काफी ट्रिकी थे। अधिकांश प्रश्नों के चारों विकल्प एक जैसे ही लग रहे थे। यह स्पष्ट नहीं लग रहा था कि सही विकल्प कौन सा होगा। ऐसे में सही विकल्प का चुनाव करना काफी कठिन रहा।
स्टेप मार्किंग से ज्यादा फायदा
बोर्ड का दूसरी सेमेस्टर परीक्षा जो मार्च में होगी वह पूर्व की भांति वर्णनात्मक होगी। दोनों फॉरमेट की तुलना में छात्रों ने वर्णनात्मक परीक्षा को बेहतर बताया। छात्रों के अनुसार उसमें स्टेप मार्किंग होती है। उत्तर का जितना हिस्सा सही होता है उतने के अंक जरूर मिलते हैं। वहीं, बहुविकल्पीय प्रश्नों में यदि विकल्प गलत लिखा तो उस प्रश्न के शून्य अंक मिलेंगे। परीक्षा डेढ़ घंटे की थी। कई छात्रों ने एक घंटे से पहले ही परीक्षा खत्म कर ली थी।
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पहले दिन इंग्लिश पेपर टू की परीक्षा हुई। छात्रों को बुकलेट दी गई, जिसमें प्रश्न पत्र के साथ ओएमआर शीट भी थी। परीक्षा खत्म होने के बाद छात्रों को प्रश्न पत्र समेत पूरी बुकलेट वापस करनी पड़ी। प्रश्न के साथ उत्तर के रूप में चार विकल्प दिए हुए थे। सही विकल्पों को छात्रों को ओएमआर शीट पर लिखना था। छात्रों ने बताया कि प्रश्न तो आसान पूछे गए थे, लेकिन उनके चार विकल्प काफी ट्रिकी थे। अधिकांश प्रश्नों के चारों विकल्प एक जैसे ही लग रहे थे। यह स्पष्ट नहीं लग रहा था कि सही विकल्प कौन सा होगा। ऐसे में सही विकल्प का चुनाव करना काफी कठिन रहा।
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स्टेप मार्किंग से ज्यादा फायदा
बोर्ड का दूसरी सेमेस्टर परीक्षा जो मार्च में होगी वह पूर्व की भांति वर्णनात्मक होगी। दोनों फॉरमेट की तुलना में छात्रों ने वर्णनात्मक परीक्षा को बेहतर बताया। छात्रों के अनुसार उसमें स्टेप मार्किंग होती है। उत्तर का जितना हिस्सा सही होता है उतने के अंक जरूर मिलते हैं। वहीं, बहुविकल्पीय प्रश्नों में यदि विकल्प गलत लिखा तो उस प्रश्न के शून्य अंक मिलेंगे। परीक्षा डेढ़ घंटे की थी। कई छात्रों ने एक घंटे से पहले ही परीक्षा खत्म कर ली थी।
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