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चिंताजनक: इस वजह से युवाओं में बढ़ रही नंपुसकता, युवतियों में बढ़ रहा बांझपन; डॉक्टरों की बात होश उड़ा देगी
Sat, 08 Feb 2025 11:24 AM IST
भूपेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Sat, 08 Feb 2025 11:24 AM IST
सार
सिगरेट, शराब की लत युवाओं में नंपुसकता बढ़ रही है। वहीं युवतियों में बांझपन बढ़ रहा है। डॉक्टरों की बात आपके भी होश उड़ा देगी।
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- फोटो : freepik
विस्तार
राजधानी लखनऊ में वार्षिक कांफ्रेंस ऑफ इंडियन सोसायटी फॉर असिस्टेड रीप्रोडक्शन (आईएसएआर) कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। सिगरेट, शराब की लत युवतियों में बांझपन बढ़ा रही है। युवकों की बात करें तो उनके शुक्राणु सही से नहीं बन रहे। ऐसे युवाओं को आईवीएफ से माता-पिता बनने में भी ज्यादा समय लग रहा है।
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इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में शुक्रवार से शुरू तीन दिवसीय 29वीं वार्षिक कांफ्रेंस ऑफ इंडियन सोसायटी फॉर असिस्टेड रीप्रोडक्शन (आईएसएआर) में वरिष्ठ उपाध्यक्ष व बंगलूरू से आईं डॉ. माधुरी पाटिल ने यह जानकारी दी। देश-विदेश से आए विशेषज्ञों ने कई सत्रों में आईवीएफ की नई तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के इस्तेमाल सहित कई बिंदुओं पर विचार रखे।
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आईएसएआर के आर्गनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. राजुल त्यागी ने कहा, कॅरिअर के फेर में आजकल युवा देर से शादी कर रहे हैं। शादी के साथ बच्चे पैदा करने की सही उम्र 25 से 35 वर्ष के बीच है।
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आईएसएआर के चेयरमैन डॉ. अमित पटकी ने कहा, आईवीएफ में रोबोटिक व एआई का योगदान बढ़ा है। इससे आईवीएफ कराने वाले युवा दंपतियों को जल्द अच्छे परिणाम मिल रहे हैं।
फेडरेशन ऑफ ऑब्सटेट्रिक एंड गाइनोकोलॉजिकल सोसाइटीज ऑफ इंडिया (फॉग्सी) की अध्यक्ष व इनफर्टिलिटी स्पेशलिस्ट डॉ. सुनीता तांदुलवाडकर ने कहा कि स्तनपान करने वाली महिला को खानपान का ध्यान रखना चाहिए। बच्चा पास होने पर मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। स्तनपान के दौरान स्मार्टफोन के इस्तेमाल से मां को कमर में दर्द, खराब नींद की समस्या हो सकती है। शिशु भी सही से दूध नहीं पीता है।