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लखनऊ को स्मार्ट बनाने में सहयोग करेगा ये देश, लोगों को मिलेगा रोजगार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 09 May 2018 03:05 PM IST
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लखनऊ सिटी
- फोटो : अमर उजाला
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चीन से तनातनी और अनबन की तमाम खबरों के बीच एक नई खबर आई है। चीनी कंपनियां शहर में निवेश को बेताब हैं। यही नहीं ये कंपनियां शहर को स्मार्ट बनाने और संवारने में अपने लिए संभावनाएं तलाश रही हैं।
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संभावनाओं की तलाश में 14 मई को चीनी दल नगर निगम आ रहा है। यह पहला मौका है जब शहर में इतना बड़ा चीनी दल नगर निगम में आ रहा है। चीन के हांगझू म्यूनिसिपल पीपुल गवर्नमेंट की अगुवाई में आने वाले इस दल में 12 कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
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शहर आ रही चीनी कंपनियां बीज से लेकर फ्यूचर इंवेस्टमेंट में दखल देने को तैयार हैं। इनका सीधा मकसद अपने उत्पाद के लिए यहां बाजार तलाशना है। इसको लेकर कार्यक्रम का प्रचार-प्रसार भी बड़े स्तर पर करने की योजना है। चीन की कंपनी यहां संभावना तलाशने पहली बार आ रही हो यह पहला मौका नहीं है।
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ईकोग्रीन एनर्जी तो एक साल पहले ही यहां कदम रख चुकी है। नगर निगम, जल निगम और शासन से करार के बाद यह चीनी कंपनी कचरा प्रबंधन का काम कर रही है। शिवरी गांव में जो कचरा प्रबंधन प्लांट है उसमें यह कंपनी अब बिजली का प्लांट भी लगाने जा रही है। इसको लेकर उसका बिजली विभाग से एमओयू भी हो चुका है।
रीयल एस्टेट सेक्टर में निवेश को आतुर
आने वाले चीनी दल में निर्माण क्षेत्र की कंपनियां भी आ रही हैं। अभी तक शहर में एलडीए, आवास विकास के अलावा जो कंपनियां रीयल एस्टेट सेक्टर में काम कर रही हैं उनमें चीनी कंपनी नहीं है। अंसल, ओमेक्स, डीएलएफ जैसी कंपनियां ही रीयल एस्टेट सेक्टर में काम कर रही हैं। ऐसे में विदेशी कंपनी के बाद शहर में रियल एस्टेट कारोबार में भी बदलाव आना तय माना जा रहा है।
शहर आ रहे इन प्रमुख कंपनियाें के प्रतिनिधि
हांगझू सीड इंडस्ट्री ग्रुप कंपनी लिमिटेड
झेजियांग डाहुआ टेक्नोलॉजी कंपनी लिमिटेड
हेजिंग इलेक्ट्रिकल कंपनी लिमिटेड
हांगझू टेक्सटाइल मशीनरी ग्रुप कंपनी लिमिटेड
झेजियांग जेएशा कॉन्स्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड
झेजियांग जियूरूतंग बायोटेक्नोलॉजी कंपनी लिमिटेड
ब्लूवर्ड ग्रुप
हांगझू इंटरनेशनल ट्रेड सर्विस सेंटर
झेजियांग फ्यूचर इंवेस्टमेंट कंपनी लिमिटे
शहर आ रहे इन प्रमुख कंपनियाें के प्रतिनिधि
हांगझू सीड इंडस्ट्री ग्रुप कंपनी लिमिटेड
झेजियांग डाहुआ टेक्नोलॉजी कंपनी लिमिटेड
हेजिंग इलेक्ट्रिकल कंपनी लिमिटेड
हांगझू टेक्सटाइल मशीनरी ग्रुप कंपनी लिमिटेड
झेजियांग जेएशा कॉन्स्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड
झेजियांग जियूरूतंग बायोटेक्नोलॉजी कंपनी लिमिटेड
ब्लूवर्ड ग्रुप
हांगझू इंटरनेशनल ट्रेड सर्विस सेंटर
झेजियांग फ्यूचर इंवेस्टमेंट कंपनी लिमिटे
प्रोजेक्ट में कंपनियों ने अब तक नहीं दिखाई रुचि
झेजियांग लन दन कंक्रीट इंजीनियरिंग कं पनी लिमिटेड
एस्ट्रोएनर्जी कंपनी लिमिटेड
सुपकॅान टेक्नोलॉजी इंडिया कंपनी
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट शहर का एक बड़ा प्रोजेक्ट है। पर, तीन साल पहले शहर स्मार्ट सिटी योजना में चुना गया लेकिन अब तक यह कागजों पर ही है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में अभी तक कोई कंपनी निवेश को लेकर आगे नहीं आई। जबकि इस काम के प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट को भी रखा गया है।
जिस पर करीब सात करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। सिर्फ उन्हीं कामों के लिए निजी कंपनियां आगे आ रही हैं जिनमें उनको कुछ लगाने की बजाय सीधे कमाई करनी है। स्मार्ट सिटी मिशन के चार प्रमुख घटक हैं। इनमें सुगम लखनऊ, स्वच्छ लखनऊ, समृद्ध लखनऊ व जीवंत लखनऊ।
एस्ट्रोएनर्जी कंपनी लिमिटेड
सुपकॅान टेक्नोलॉजी इंडिया कंपनी
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट शहर का एक बड़ा प्रोजेक्ट है। पर, तीन साल पहले शहर स्मार्ट सिटी योजना में चुना गया लेकिन अब तक यह कागजों पर ही है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में अभी तक कोई कंपनी निवेश को लेकर आगे नहीं आई। जबकि इस काम के प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट को भी रखा गया है।
जिस पर करीब सात करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। सिर्फ उन्हीं कामों के लिए निजी कंपनियां आगे आ रही हैं जिनमें उनको कुछ लगाने की बजाय सीधे कमाई करनी है। स्मार्ट सिटी मिशन के चार प्रमुख घटक हैं। इनमें सुगम लखनऊ, स्वच्छ लखनऊ, समृद्ध लखनऊ व जीवंत लखनऊ।
600 करोड़ रुपये की परियोजना, किसी ने नहीं दिखाई रुचि
जिसमें सुगम लखनऊ के तहत फुटपाथ का विकास, कैसरबाग व ग्लोब पार्क में नई मल्टीलेवल पार्किंग और इमरजेंसी काल प्वाइंट जैसे प्रमुख का काम होने हैं मगर अब तक कुछ नहीं हुआ। जाम को देखते हुए पार्किंग की सबसे अधिक जरूरत शहर को है मगर अब तक स्मार्ट सिटी में योजना में कोई निजी कंपनी पार्किंग बनाने को लेकर आगे नहीं आई।
शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या को देखते हुए हैदर कैनाल एक्सप्रेस भी बेहद अहम प्रोजेक्ट है। करीब 600 करोड़ रुपए के इस प्रोजेक्ट के लिए कोई कंपनी आगे नहीं आई। यही वजह रही कि इस बार इसे स्मार्ट सिटी की पहले चरण की योजना में शामिल भी नहीं किया।
करीब पांच साल पहले जो योजना बनी थी उसके तहत हैदर कैनाल पर राजाजीपुरम से लेकर कालिदास मार्ग चौक (सीएम आवास) तक सड़क बनाई जानी है और उसके दोनों ओर कॉमर्शियल व आवासीय योजना डवलप की जानी है।
शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या को देखते हुए हैदर कैनाल एक्सप्रेस भी बेहद अहम प्रोजेक्ट है। करीब 600 करोड़ रुपए के इस प्रोजेक्ट के लिए कोई कंपनी आगे नहीं आई। यही वजह रही कि इस बार इसे स्मार्ट सिटी की पहले चरण की योजना में शामिल भी नहीं किया।
करीब पांच साल पहले जो योजना बनी थी उसके तहत हैदर कैनाल पर राजाजीपुरम से लेकर कालिदास मार्ग चौक (सीएम आवास) तक सड़क बनाई जानी है और उसके दोनों ओर कॉमर्शियल व आवासीय योजना डवलप की जानी है।