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अध्ययन : जंक फूड बच्चों का घटा रहा आईक्यू लेवल, शारीरिक रूप से भी बना रहा कमजोर
Wed, 11 Oct 2023 07:04 PM IST
ishwar ashish
सचिन त्रिपाठी, अमर उजाला, लखनऊ
सचिन त्रिपाठी, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 11 Oct 2023 07:04 PM IST
सार
देश के 10 शहरों के 60 स्कूलों के 2428 बच्चों पर किए गए अध्ययन में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। बच्चों को आयरन, फोलिक एसिड विटामिन बी-12, विटामिन डी की कमी भी शारीरिक रूप से कमजोर बना रही है।
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- फोटो : amar ujala
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विस्तार
जंक फूड का ज्यादा सेवन और पौष्टिक भोजन से दूरी बच्चों में एकाग्रता की कमी ला रहा है। इससे उनका आईक्यू लेवल भी घटा रहा है। वहीं शारीरिक रूप से भी बच्चे कमजोर हो रहे हैं। ऐसा जरूरी पोषक तत्वों की कमी की वजह से हो रहा है। केजीएमयू के सहयोग से देश के 10 शहरों के 60 स्कूलों के 2428 बच्चों पर किए गए अध्ययन में ये बातें सामने आई हैं।
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केजीएमयू के बाल रोग विभाग ने अध्ययन में शामिल किए गए बच्चों की खुराक और खून के विभिन्न टेस्ट के बाद रिपोर्ट तैयार की है। चौंकाने वाली बात है कि अध्ययन में शामिल कुल बच्चों में से 49.4 फीसदी में आयरन की कमी पाई गई। वहीं 39.7 प्रतिशत में विटामिन डी की कमी मिली। रिपोर्ट में बच्चों को जंक फूड के बजाय स्वास्थ्यवर्धक खाना देने की वकालत की गई है। अध्ययन की रिपोर्ट को जर्नल ऑफ न्यूट्रिशनल साइंस के अक्तूबर 2023 के अंक में प्रकाशित किया गया है।
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इसकी जरूरत क्यों पड़ी
केजीएमयू से इस अध्ययन में प्रो. शैली अवस्थी, डॉ. दिवस कुमार, डॉ. अब्बास अली मेहदी, डॉ. स्वाति दीक्षित, अनुज कुमार पांडेय शामिल रहे। प्रो. शैली अवस्थी बताती हैं कि नेशनल न्यूट्रिशन सर्वे-2019 की रिपोर्ट के अनुसार भारत में एक चौथाई बच्चे दुबले हैं। इनमें से पांच से साढ़े छह फीसदी ज्यादा दुबले, 3.7 से 4.8 फीसदी तक बच्चे ओवरवेट हैं। विभिन्न मिनरल और विटामिन की कमी की वजह से बच्चों का विकास बाधित होता है और उनमें तमाम समस्याएं पैदा होती हैं। इसको देखते हुए इस अध्ययन की रूपरेखा तैयार की गई।
ऐसे किया गया अध्ययन
यह अध्ययन अप्रैल 2019 से फरवरी 2020 के बीच किया गया। अध्ययन के दौरान स्कूल के पांच किलोमीटर के दायरे में रहने वाले बच्चों को अल्फाबेटिकल आधार पर क्रमबद्ध किया गया। इन बच्चों को दो समूहों- छह से 11 और 12 से 16 वर्ष के ग्रुपों में बांटा गया। बच्चों के खून के सैंपल लेकर जांच की गई।
हर दूसरे बच्चे में आयरन की कमी
आयरन 49.4 फीसदी
विटामिन डी 39.7 फीसदी
विटामिन बी-12 33.4 फीसदी
फोलिक एसिड 22.2 फीसदी
कैल्शियम 20.6 फीसदी
सेलेनियम 10.4फीसदी
विटामिन ए 7.7 फीसदी
जिंक 6.8 फीसदी
मिनरल व विटामिन की कमी से होने वाली समस्याएं
आयरन, फोलिक एसिड, विटामिन बी-12 : इनकी कमी से रक्ताल्पता की समस्या के साथ ही बच्चे का विकास भी प्रभावित होता है। फोलिक एसिड की कमी की वजह से एकाग्रता और आईक्यू लेवल में कमी आ सकती है।
जिंक : दिमाग के विकास में समस्या।
सेलेनियम : संक्रमण को कम करने में मददगार।
विटामिन-ए : अंधता और जानलेवा संक्रमण का खतरा।
कैल्शियम और विटामिन-डी : शारीरिक विकास में कमी।