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अब सीधे जेल भेजे जाएंगे मां-बाप को रुलाने वाले बच्चे

Mon, 08 Jun 2015 09:44 AM IST
पंकज प्रसून/अमर उजाला, कानपुर
पंकज प्रसून/अमर उजाला, कानपुर Updated Mon, 08 Jun 2015 09:44 AM IST
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children go to jail for torturing parents

बुजुर्ग माता-पिता को परेशान करने वालों की अब खैर नहीं। प्रदेश सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए शुरू की गई केंद्र सरकार की ‘माता-पिता, वरिष्ठ नागरिक भरण पोषण कल्याण योजना’ के लिए प्रदेश के सभी जनपदों में सुलह अधिकारियों का एक पैनल गठित करके 20 जून तक शासन को रिपोर्ट भेजने का आदेश समाज कल्याण विभाग को दिया है।

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यह पैनल उपेक्षित माता पिता की तरफ से मिली शिकायत पर पहले उनके बीच सुलह कराने की कोशिश करेगा और यदि बच्चे इसके लिए राजी नहीं होते हैं, तो उन पर 10 हजार रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। साथ ही तीन महीने की जेल भी हो सकती है।

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समझौता कराने के लिए नियुक्त होंगे सुलह अधिकारी

children go to jail for torturing parents

समाज कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव सुनील कुमार की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की इस योजना में प्रदेश सरकार ने ट्रिब्यूनल के गठन का नोटिफिकेशन करा दिया है।

इसी के तहत सुलह अधिकारियों के पैनल की नियुक्ति का आदेश जारी किया गया है। सभी जनपदों से सुलह अधिकारियों के पैनल की सूची मांगी गई है। उसके साथ ही योजना का क्रियान्वयन शुरू हो जाएगा।

जिला समाज कल्याण अधिकारी अजीत सिंह ने बताया कि प्रमुख सचिव की तरफ से यह आदेश मिला है। कुछ सामाजिक संगठनों को बुलाकर एक दो दिन में बैठक की जाएगी। 20 जून तक सुलह अधिकारियों से संबंधित एक पैनल की सूची शासन को भेज दी जाएगी। बुजुर्ग माता-पिता की लिखित शिकायत के आधार पर ही सुलह अधिकारी अपना काम करेंगे।

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