बालिका वधू बनने से बची नाबालिग, अनजान कॉलर ने दी जानकारी
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समय रहते चाइल्ड लाइन की सक्रियता के चलते लखनऊ सीतापुर सीमा पर मौजूद एक गांव में नाबालिग का बाल विवाह रुकवाया है। इस मामले में जहां पुलिस ने भी हस्तक्षेप करने में आनाकानी की थी, वहीं गांव प्रधान भी विवाह रुकवाने में झिझक रहे थे।
ऐसे में चाइल्ड लाइन ने बाल कल्याण समिति से आदेश निकलवा कर बुधवार को तय समय से कुछ घटे पहले विवाह रुकवा दिया।
सीतापुर सीमा में आने वाले मोहाला गांव में हुई इस कार्रवाई के बारे में चाइल्ड लाइन कार्यकर्ता मनोज कुमार ने बताया कि घटना की सूचना संभवत: मुंबई से किसी अनजान कॉलर ने दी थी।
जब इसकी पुष्टि की गई तो मालूम हुआ कि बुधवार शाम ही शादी है। ऐसे में तुरंत उसे रुकवाना जरूरी थी। इसके लिए गांव के पास के ही थाने रेवसा में थानाध्यक्ष को सूचित किया गया।
पुलिस ने मौके पर जाने के बाद परिवारों से बात की और उन्हें समझाया कि बाल विवाह अपराध है, इससे बच्ची का जीवन प्रभावित होगा। लड़की का परिवार नहीं माना, लड़के वाले भी लड़की वालों के अनुसार ही निर्णय लेना चाहते थे।
पुलिस के पहुंचने से मची अफरातफरी
गांव के प्रधान से बात की गई, लेकिन उन्होंने भी मामले को संवेदनशील बताकर हस्तक्षेप से इनकार कर दिया। ऐसे में चाइल्ड लाइन लखनऊ ने बाल कल्याण समिति सीतापुर के सामने मामला रखा।
समिति ने तुरंत पुलिस को आदेश जारी कर रेवसा थाने को कार्रवाई के लिए कहा। चाइल्ड लाइन ने आदेश थाने पहुंचाए और एसएचओ के साथ विवाह स्थल पर पहुंचे। यहां विवाह होने ही जा रहा था, कि पुलिस के पहुंचने से अफरातफरी मच गई।
चाइल्ड लाइन के अनुसार पुलिस ने आदेशों का हवाला देकर शादी रुकवाना अनिवार्य बताया। ऐसा न होने पर कानूनी कार्रवाई की बात कही। जिसके बाद दोनों परिवारों के पास शादी रोकने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा।
चाइल्ड लाइन कार्यकर्ता मनोज कुमार ने लड़की स्पष्ट तौर पर नाबालिग है और उसने बताया कि वह आगे पढ़ना चाहती है, शादी नहीं करना चाहती थी। विवाह रुकने पर वह खुश है।