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Lucknow News: रिवरफ्रंट की टूटी रेलिंग से गोमती में गिरा बच्चा, मां के सामने डूब गया नौ साल का मासूम
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लखनऊ। रिवरफ्रंट पर मंगलवार दोपहर खेलते वक्त फिसलने से नौ साल का मासूम टूटी रेलिंग से गोमती में जा गिरा। लक्ष्मण मेला मैदान के पास उसकी मां के सामने यह हादसा हुआ। गोताखोरों के बाद एसडीआरएफ ने सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन देर रात तक मासूम का पता नहीं चला।
हजरतगंज की लक्ष्मण मेला सिकंदनगर बस्ती द्वितीय में रिक्शा चालक संतोष कुमार, पत्नी पार्वती, नौ साल के बेटे राज, पांच साल के युगराज और एक साल की बेटी राशि के साथ रहता है। मंगलवार दोपहर तीन बजे पार्वती बेटे राज को लेकर रिवरफ्रंट पर कपड़ा धुलने गई। यहां टूटी रेलिंग के पास खेलते वक्त अचानक बच्चे का पैर फिसला और वह नदी में जा गिरा। पार्वती ने शोर मचाने के साथ पास पड़े प्लास्टिक के डंडे से उसे निकालने की कोशिश की, लेकिन राज उसकी आंखों के सामने बह गया। इस बीच बस्ती के लोग जमा हो गए।
इनमें से कई युवक नदी में उतरे, पर बच्चे का पता नहीं चला। चार बजे सूचना पर हजरतगंज पुलिस पहुंची और पीएसी की फ्लड यूनिट को बुलाया। इसके जवानों ने भी बच्चे को तलाशना शुरू किया, पर सफलता नहीं मिली।
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इलाके में रहने वाले समाजसेवी चौधरी राकेश सिंह ने बताया कि बच्चे के रिश्तेदार ने उन्हें हादसे का पता चला तो वे मौके पर पहुंचे। उस वक्त सिर्फ हजरतगंज पुलिस ही थी। राकेश ने डीएम को कॉल की तो फोन उनके पीआरओ ने उठाया। राकेश ने उन्हें जानकारी दी। इस पर रात साढ़े सात बजे एसडीआरएफ की टीम पहुंची। राकेश ने हजरतगंज पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। कहा, यही हादसा किसी बड़े आदमी के साथ हुआ था तो एसडीआरएफ और आलाधिकारी दोनों समय से पहुंचते। उधर, हादसे की सूचना पर पहुंचा पिता संतोष बेटे को तलाशने में जुट रहा। अंत में बेसुध हो गया। मोहल्ले के लोगों ने उसे घर भिजवाया। पार्वती बेटी को गोद में लिए घटनास्थल पर देर रात तक मौजूद रही।
नाराज लोगों ने किया प्रदर्शन
हादसे के बाद चौधरी राकेश सिंह के साथ पीड़ित परिजनों और मोहल्ले के लोगों ने पुलिस व प्रशासन पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। लोगों का आरोप है कि समय से पुलिस ने एसडीआरएफ को सूचना नहीं दी। बस्ती के लोगों का यह भी कहना था कि रेलिंग से पांच स्टील की रॉड स्मैकिये चुरा ले गए। बाहर सड़क पर लगी रेलिंग की कई रॉड स्मैकिये पहले भी गायब कर चुके हैं।
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हजरतगंज की लक्ष्मण मेला सिकंदनगर बस्ती द्वितीय में रिक्शा चालक संतोष कुमार, पत्नी पार्वती, नौ साल के बेटे राज, पांच साल के युगराज और एक साल की बेटी राशि के साथ रहता है। मंगलवार दोपहर तीन बजे पार्वती बेटे राज को लेकर रिवरफ्रंट पर कपड़ा धुलने गई। यहां टूटी रेलिंग के पास खेलते वक्त अचानक बच्चे का पैर फिसला और वह नदी में जा गिरा। पार्वती ने शोर मचाने के साथ पास पड़े प्लास्टिक के डंडे से उसे निकालने की कोशिश की, लेकिन राज उसकी आंखों के सामने बह गया। इस बीच बस्ती के लोग जमा हो गए।
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इनमें से कई युवक नदी में उतरे, पर बच्चे का पता नहीं चला। चार बजे सूचना पर हजरतगंज पुलिस पहुंची और पीएसी की फ्लड यूनिट को बुलाया। इसके जवानों ने भी बच्चे को तलाशना शुरू किया, पर सफलता नहीं मिली।
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इलाके में रहने वाले समाजसेवी चौधरी राकेश सिंह ने बताया कि बच्चे के रिश्तेदार ने उन्हें हादसे का पता चला तो वे मौके पर पहुंचे। उस वक्त सिर्फ हजरतगंज पुलिस ही थी। राकेश ने डीएम को कॉल की तो फोन उनके पीआरओ ने उठाया। राकेश ने उन्हें जानकारी दी। इस पर रात साढ़े सात बजे एसडीआरएफ की टीम पहुंची। राकेश ने हजरतगंज पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। कहा, यही हादसा किसी बड़े आदमी के साथ हुआ था तो एसडीआरएफ और आलाधिकारी दोनों समय से पहुंचते। उधर, हादसे की सूचना पर पहुंचा पिता संतोष बेटे को तलाशने में जुट रहा। अंत में बेसुध हो गया। मोहल्ले के लोगों ने उसे घर भिजवाया। पार्वती बेटी को गोद में लिए घटनास्थल पर देर रात तक मौजूद रही।
नाराज लोगों ने किया प्रदर्शन
हादसे के बाद चौधरी राकेश सिंह के साथ पीड़ित परिजनों और मोहल्ले के लोगों ने पुलिस व प्रशासन पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। लोगों का आरोप है कि समय से पुलिस ने एसडीआरएफ को सूचना नहीं दी। बस्ती के लोगों का यह भी कहना था कि रेलिंग से पांच स्टील की रॉड स्मैकिये चुरा ले गए। बाहर सड़क पर लगी रेलिंग की कई रॉड स्मैकिये पहले भी गायब कर चुके हैं।