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Lucknow News: प्रमुख सचिव की हिदायत निजी प्रैक्टिस से बचें डॉक्टर
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कार्यक्रम में मौजूद सम्मानित लोग।
लखनऊ। चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेनशर्मा ने डॉक्टरों को निजी प्रैक्टिस से बचने की सलाह दी है। प्रमुख सचिव शनिवार को केजीएमयू के जनरल सर्जरी विभाग के 113वें स्थापना समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे।
प्रमुख सचिव ने कहा, डॉक्टरों को निजी प्रैक्टिस से बचना चाहिए। इस समय का इस्तेमाल वे शिक्षण, प्रशिक्षण और अनुसंधान में कर सकते हैं। कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने डॉक्टरों को शाम की कक्षाएं दोबारा शुरू करने के लिए कहा।
प्रमुख सचिव व निदेशक ने सर्जरी विभाग में सर्जरी के लिए रोबोट आने पर बधाई दी और मरीजों को सस्ती दर पर इसका लाभ देने के लिए कहा। विभागाध्यक्ष प्रो. अभिनव अरुण सोनकर ने विभाग की रिपोर्ट पेश की और शासन की ओर से सर्जरी के नए भवन की मंजूरी मिलने पर आभार जताया। प्रो. एचएस पाहवा ने स्वागत भाषण दिया। इस मौके पर विभाग के कर्मचारी और डॉक्टरों को सम्मानित भी किया गया।
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एक डॉक्टर के खिलाफ चल रहा है निजी प्रैक्टिस का मामला
केजीएमयू में थोरेसिक विभाग पर निजी प्रैक्टिस साबित होने के बाद उसे आरोप पत्र भी दिया जा चुका है। हालांकि, अभी तक डॉक्टर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। कई डॉक्टरों पर मरीज को केजीएमयू से निजी अस्पताल ले जाकर इलाज करने का आरोप भी लगता है। इस तरह के आरोप के बाद ट्रॉमा सेंटर से इस साल पांच रेजिडेंट की सेवाएं भी समाप्त की गईं थीं।
पुरस्कार विजेता
स्टाफ नर्स : योगशे बंसल, ममता त्यागी, कंचन लता, विभा प्रैट्रिक, नतालिया एंथोनी, यशोदा यादव स्टाफ, सविता देवी, प्रदीप शर्मा, सविता गौतम।
ओटी टेक्नीशियन : केपी यादव।
ऑफिस : ज्योत्सना श्रीवास्तव।
लाइब्रेरी : संजीव श्रीवास्तव।
सिक अटेंडेंट : ऐनुल हक, आशीष कनौजिया, सिरताज अहमद, सुनील कुमार, अनिता मिश्रा, विकास रावत, गुड्डी।
सफाई कर्मचारी : हरिशंकर, सुशील कुमार, मुबीन खान, सुमित, सरोज।
विशेष प्रोत्साहन : रवि कुमार वर्मा, फरहान मोईन अहमद, विनायक श्रीवास्तव।
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प्रमुख सचिव ने कहा, डॉक्टरों को निजी प्रैक्टिस से बचना चाहिए। इस समय का इस्तेमाल वे शिक्षण, प्रशिक्षण और अनुसंधान में कर सकते हैं। कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने डॉक्टरों को शाम की कक्षाएं दोबारा शुरू करने के लिए कहा।
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प्रमुख सचिव व निदेशक ने सर्जरी विभाग में सर्जरी के लिए रोबोट आने पर बधाई दी और मरीजों को सस्ती दर पर इसका लाभ देने के लिए कहा। विभागाध्यक्ष प्रो. अभिनव अरुण सोनकर ने विभाग की रिपोर्ट पेश की और शासन की ओर से सर्जरी के नए भवन की मंजूरी मिलने पर आभार जताया। प्रो. एचएस पाहवा ने स्वागत भाषण दिया। इस मौके पर विभाग के कर्मचारी और डॉक्टरों को सम्मानित भी किया गया।
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एक डॉक्टर के खिलाफ चल रहा है निजी प्रैक्टिस का मामला
केजीएमयू में थोरेसिक विभाग पर निजी प्रैक्टिस साबित होने के बाद उसे आरोप पत्र भी दिया जा चुका है। हालांकि, अभी तक डॉक्टर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। कई डॉक्टरों पर मरीज को केजीएमयू से निजी अस्पताल ले जाकर इलाज करने का आरोप भी लगता है। इस तरह के आरोप के बाद ट्रॉमा सेंटर से इस साल पांच रेजिडेंट की सेवाएं भी समाप्त की गईं थीं।
पुरस्कार विजेता
स्टाफ नर्स : योगशे बंसल, ममता त्यागी, कंचन लता, विभा प्रैट्रिक, नतालिया एंथोनी, यशोदा यादव स्टाफ, सविता देवी, प्रदीप शर्मा, सविता गौतम।
ओटी टेक्नीशियन : केपी यादव।
ऑफिस : ज्योत्सना श्रीवास्तव।
लाइब्रेरी : संजीव श्रीवास्तव।
सिक अटेंडेंट : ऐनुल हक, आशीष कनौजिया, सिरताज अहमद, सुनील कुमार, अनिता मिश्रा, विकास रावत, गुड्डी।
सफाई कर्मचारी : हरिशंकर, सुशील कुमार, मुबीन खान, सुमित, सरोज।
विशेष प्रोत्साहन : रवि कुमार वर्मा, फरहान मोईन अहमद, विनायक श्रीवास्तव।