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इंटेलीजेंस की रिपोर्ट को नजर अंदाज करना पड़ेगा महंगा

Mon, 19 Jun 2017 11:46 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ Updated Mon, 19 Jun 2017 11:46 AM IST
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chief secretary instructed officers to not ignore intelligence report
डेमो प‌िक - फोटो : अमर उजाला

इंटेलीजेंस की रिपोर्ट को नजरअंदाज करने के कारण प्रदेश में हुई घटनाओं को शासन ने गंभीरता से लिया है। मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने निर्देश जारी किया है कि जिलों में तैनात अफसर इंटेलीजेंस की रिपोर्ट को नजर अंदाज न करें और न ही उसे हल्के में लें। 

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इंटेलीजेंस रिपोर्ट के बाद भी अगर कोई घटना होती है तो इसके लिए जिले के अफसर जिम्मेदार होंगे और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सूत्रों की मानें तो खुफिया तंत्र की रिपोर्ट और जिला स्तर पर हुई कार्रवाई की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी गृह विभाग को दी गई है, ताकि जिला या मंडल स्तर पर कोई चूक हो तो शासन स्तर से कार्रवाई की जा सके और लापरवाह अफसरों को चिह्नित कर दंडित किया जा सके।
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दरअसल, पिछली कुछ घटनाओं में इंटेलीजेंस और जिला पुलिस में सामंजस्य की कमी सामने आई है। सहारनपुर में हुई हिंसा इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। सहारनपुर में दुधली सड़क की घटना हो या फिर शब्बीरपुर की, दोनों ही घटनाओं को लेकर इंटेलीजेंस ने स्थानीय पुलिस को आगाह किया था। 

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समीक्षा के बाद सामने आई सच्चाई

chief secretary instructed officers to not ignore intelligence report
फाइल फोटो - फोटो : amar ujala bureau

इसके बाद भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई। नतीजतन दोनों ही स्थानों पर जमकर उपद्रव हुआ। इसके अलावा इंटेलीजेंस ने मथुरा के जवाहरबाग कांड और मुजफ्फरनगर में हुए बवाल से पहले स्थानीय पुलिस के शीर्ष अधिकारियों को सूचित किया था। बावजूद इसके पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई थी, जिससे हालात बिगड़ गए।  

शासन ने सहारनपुर में हुई हिंसा की समीक्षा में पाया कि इंटेलीजेंस की रिपोर्ट पर तवज्जो दी गई होती तो शायद घटनाओं को होने से रोका जा सकता था। 

सरकार की ओर से केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी रिपोर्ट में भी इंटेलीजेंस और स्थानीय प्रशासन के बीच समन्वय का अभाव का जिक्र था। ऐसे में मुख्य सचिव ने निर्देश जारी किए हैं कि इंटेलीजेंस के इनपुट और सूचनाओं पर तत्काल कार्रवाई की जाए। 
 
इंटेलीजेंस के अधिकारियों की कार्यशैली से शासन नाराज
मुख्य सचिव ने डीजीपी समेत सभी प्रमुख पुलिस अधिकारियों को भेजे पत्र में इंटेलीजेंस विभाग के अधिकारियों से नाराजगी जताई है। 

उन्होंने कहा है कि जिला, परिक्षेत्र व जोन स्तर पर नियुक्त इंटेलीजेंस के अधिकारी की कार्यशैली, कार्य की गुणवत्ता और जागरूकता का स्तर मानकों पर खरा नहीं उतर रहा है। इसमें तत्काल सुधार किया जाए। 

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