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वोट मुझे मांगना है, आपको नहीं, फिर कार्रवाई से क्यों कतरा रहे: आईएएस वीक में बोले सीएम योगी

Fri, 01 Feb 2019 04:41 PM IST
शाहरुख खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: शाहरुख खान Updated Fri, 01 Feb 2019 04:41 PM IST
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chief minister yogi adityanath speech in ias week.
आईएएस वीक के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आईएएस सप्ताह में अफसरों को खूब खरी-खरी सुनाई। सीएम ने कहा, चुनाव में वोट उन्हें मांगना है फिर आप कार्रवाई से क्यों कतरा रहे हैं। उन्होंने नसीहत दी कि अधिकारी जनता का बल बनें, बला नहीं। उन्होंने शासन की योजनाओं को फील्ड में ठीक से लागू न कर पाने पर गहरा अफसोस जताया।

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कहा, हर जिले में महिला संबंधी अपराध हो रहे हैं, पर एंटी रोमियो स्क्वॉयड के जरिए कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने तहसीलों में कार्यरत प्रॉक्सी एसडीएम, तहसीलदारों और लेखपालों पर चिंता जताई। सीएम ने कहा कि सचिवालय तक में कार्मिकों ने अपने स्थान पर दूसरे लोगों को काम पर रख रखा है। यही सब लोग गंदगी फैला रहे हैं। इस व्यवस्था पर तत्काल लगाम लगाए जाने की जरूरत बताई।
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विधानभवन के तिलक हाल में शुक्रवार को आईएएस अफसरों को संबोधित करते हुए योगी ने कहा कि कोई दिन ऐसा नहीं होता, जब किसी न किसी जिले से महिला संबंधी अपराध की शिकायत न आती हो। हमने प्रारंभ में ही कहा था कि हर थाने में एंटी रोमियो स्क्वॉयड गठित कर दो। क्या किसी डीएम और कमिश्नर ने इसकी समीक्षा की।
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फील्ड में महिला संबंधी अपराधों को दबाने का प्रयास क्यों हो रहा है। थाने में पीड़ित महिला जाती है तो कार्रवाई नहीं होती है। हाल यह है कि एसपी के पास उनसे मिलने की फुरसत नहीं है। जिलाधिकारी के पास जा नहीं पाती। पीड़ित महिलाएं और बालिकाएं भटकती रहती हैं। बालिकाएं तो स्कूल जाना बंद कर देती हैं।

'अफसरों से कहता हूं कि क्या मैं जिलों में आपको जगाने के लिए आऊं'

जब मीडिया की सुर्खियां बनती हैं और राजधानी से फोन होता है, तब भी बहुत से अधिकारी समुचित कार्रवाई नहीं करते। मुख्यमंत्री ने अफसोस जताते हुए कहा, बहुत सारे जिलों में तो मुझे ही फोन क रके कार्रवाई के लिए बोलना पड़ता है। अफसरों से कहता हूं कि क्या मैं जिलों में आपको जगाने के लिए आऊं। महिला संबंधी अपराध क्यों हो रहे हैं।

पीड़ित महिला को पुलिस के पास नहीं, बल्कि एंटी रोमियो टीम को सहायता के लिए उनके पास जाना चाहिए। हिंसा बाहर से हो या घरेलू कारणों से, उन्हें तत्काल मदद मिलनी चाहिए। लेकिन, इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

सीएम ने कहा कि एंटी रोमियो अभियान एक बार चला। मीडिया ने कुछ निगेटिव रिपोर्टिंग की, फिर अधिकारी चुप होकर बैठ गए। सीएम ने कहा, अधिकारियों को कहां जाना है। वोट मांगने मुझे जाना है, जब मुझे चिंता नहीं तो आप क्यों चिंता कर रहे हो। इन अपराधों को रोकने के लिए प्रभावी ढंग से कार्रवाई करें।

अपने नेटवर्क से मिलती हैं ज्यादा सटीक सूचनाएं
सीएम ने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है संवाद। तमाम सूचनाएं मुझे सीधे लोगों से मिल जाती हैं। यह सूचनाएं किसी भी इंटेलीजेंस से ज्यादा सटीक होती हैं। सीएम ने कहा कि जनता कभी झूठ नहीं बोलती है। उतना ही बोलेगी जो वास्तव में लोकहित में हो। इसलिए अफसरों को जनता से मिलने का प्रयास करना चाहिए। पहली बार मिलेंगे तो भीड़ ज्यादा होगी, धीरे-धीरे कम होती जाएगी। लेकिन, इससे अधिकारियों को काफी सूचनाएं मिलेंगी। इन्हें वे मुख्यालय के साथ भी साझा कर सकते हैं।

डीएम कमिश्नर योजनाओं की नियमित समीक्षा करें

सीएम ने कहा जब हमने सत्ता संभाली थी तो कहा था कि बेसिक स्कूलों में प्रॉक्सी शिक्षकों की व्यवस्था लागू है। प्रॉक्सी एसडीएम और तहसीलदार भी हैं। सचिवालय में भी कार्मिकों ने अपने प्राक्सी लोग रखे हुए हैं। प्राक्सी सिस्टम को तत्काल समाप्त करें। अगर आप यह काम नहीं करेंगे, तो पब्लिक स्वयं यह काम करा देगी। लेकिन पब्लिक का रास्ता दूसरा होता है, जिससे आपकी प्रशासनिक क्षमता पर प्रश्न चिह्न लगेगा।

उन्होंने कहा कि हर स्तर के अधिकारी को अपने कार्यक्षेत्र में ही रुकना चाहिए। शासन की योजनाओं को लागू करने के लिए ठोस प्लानिंग होनी चाहिए। एक जिलाधिकारी और मंडलायुक्त से उम्मीद की जाती है कि नियमित रूप से इन योजनाओं की समीक्षा करें। जिलाधिकारी को हरेक विभाग की समीक्षा करने का अधिकार होता है, फिर योजनाएं प्रभावी ढंग से लागू क्यों नहीं हो पा रही हैं।

एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स निष्क्रिय, कहते हैं सरकारी योजनाओं के लिए जमीन नहीं
सीएम ने छुट्टा गोवंश की समस्या पर कहा कि जब हमने अवैध बूचड़खाने बंद किए थे, तब भी हम कहते थे कि यह समाज की समस्या है। समाज को जोड़कर ही इस समस्या को हल किया जा सकता है। इस तरह अभियान चलाया जाए कि प्रत्येक परिवार एक गोवंश की सेवा करने में सक्षम हो सके। लेकिन, एक-दो जगह को छोड़कर कहीं भी हम इसे लागू नहीं कर पाए। जबकि, प्रत्येक जिले और नगर निकाय को समय से राशि उपलब्ध करा दी गई थी। जून 2018 में ही पैसा चला गया था।

तमाम जगहों पर तो नवंबर-दिसंबर 2017 में ही बजट दे दिया था। लेकिन, नगर निकाय उसका इस्तेमाल ही नहीं कर पाए। सीएम ने कहा, आज बहुत सारे जिलों में मैं स्वयं समीक्षा कर रहा हूं तो जमीन ढूंढी जा रही है। एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स क्यों बनाई थी। उद्देश्य ही यह था कि 15-20 वर्षों में जिन सरकारी जमीनों पर भूमाफिया का कब्जा हुआ है, उसे खाली कराया जाए।

सीएम ने कहा कि गरीब के आशियाने पर बुलडोजर चलाने पर बद्दुआ मिलती है। बड़े भूमाफिया पर बुल्डोजर चलता है तो आशीर्वाद मिलता है। जिले-जिले में कार्रवाई होनी चाहिए थी। समय पर शासन की योजना लागू नहीं की जाती, फिर जब उससे संबंधित कार्ययोजना को लागू करने की बात आती है तो कहते हैं कि हमारे पास जमीन ही नहीं है। बहाने के दस तरीके हो सकते हैं। हम जो भी कार्यक्रम चला रहे हैं, एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। इसलिए शासकीय योजनाओं को लागू करने की सतत प्रक्रिया होनी चाहिए।
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