हाड़ कंपाती ठंड में रैन बसेरों का हाल लेने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बृहस्पतिवार की रात निरीक्षण पर निकले। लक्ष्मण मेला धरना स्थल व डालीगंज एसएसपी ऑफिस के पास रैन बसेरों के निरीक्षण के बाद केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर के सामने बने शेल्टर हाउस पहुंचे। सीएम ने रैन बसेरों की हालत दुरुस्त कर तत्काल गद्दे-रजाई का प्रबंध करने और बंद पड़े रैन बसेरे खुलवाने का निर्देश दिया। वहीं ट्रॉमा सेंटर के बाहर पन्नी पर सो रहे लोगों को देख सीएम नाराज हुए।
हाड़ कंपाती ठंड में रैन बसेरों का हाल लेने पहुंचे सीएम योगी, उनके जाते ही बिना कंबल बांटे लौटी गाड़ी
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मुख्यमंत्री सबसे पहले लक्ष्मण मेला धरना स्थल के पास बने शेल्टर हाउस पहुंचे। वहां उन्हें साफ-सफाई, गद्दे-रजाई की सारी व्यवस्था ठीक मिलीं। डालीगंज आश्रय स्थल होते हुए सीएम केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर के सामने शेल्टर हाउस पहुंचे। सीएम के पहुंचने के पांच मिनट बाद कुलपति प्रो. एमएलबी भट्ट वहां पहुंचे। सीएम ने पूछा कि क्या यहां कोई सरकारी शेल्टर होम नहीं है? सीएम ने अलावा जलाने व अन्य जरूरी इंतजाम करने का निर्देश दिया। उनके साथ नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन, जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह और मेयर संयुक्ता भाटिया भी मौजूद रहीं।
मुख्यमंत्री से बोले तीमारदार, ठंड से बिगड़ रही तबीयत
मुख्यमंत्री को सामने देख तीमारदारों की पीड़ा सामने आई। उन्होंने सीएम से कहा कि ठंड में तबीयत बिगड़ रही है। आवश्यक निर्देश देकर मुख्यमंत्री यहां से रवाना हुए।
एक तीमारदार बोला- जेल पोंछने को रूई तक नहीं देते, जांच के आदेश
सीएम बाहर निकल चुके थे। डीएम से एक अन्य तीमारदार ने शिकायत की कि अल्ट्रासाउंड के दौरान लगाए जेल को पोंछने के लिए रूई तक नहीं देते हैं डॉक्टर। डीएम ने इसकी जांच के आदेश दिए हैं। जबकि केजीएमयू के सीएमएस डॉ. एसएन शंखवार ने डॉक्टरों से जानकारी ली।
सीएम के जाते ही बिना कंबल बांटे लौटी गाड़ी
सीएम के कंबल बांटने के निर्देश देते ही आनन-फानन में निजी संस्था की दो गाड़ियां बाहर आईं। तीमारदार कंबल मिलने की आस में जुटे, लेकिन सीएम के जाते ही गाड़ियां बिना कंबल बांटे ही लौट गईं।