सीएम योगी का खुलासा, माओवाद रोकने के लिए हिंदू युवा वाहिनी का किया गठन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने खुलासा किया है कि माओवाद की चुनौती से निपटने के लिए उन्होंने हिंदू युवा वाहिनी का गठन किया था। योगी शनिवार को ‘लल्लनटॉप’ वेबसाइट के टॉक-शो में सवालों का जवाब दे रहे थे।
योगी बोले, हिंदू युवा वाहिनी का गठन उन्होंने नेपाल सीमा पर माओवाद की चुनौती से निपटने के लिए किया था। माओवाद तब नेपाल से बिहार तक पहुंच गया था, पर यूपी में कुछ नहीं कर पाया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ‘गणित’ में रुचि न होती तो क्या राजनीति में होता। चुनावी राजनीति तो केवल इसी गुणा-भाग की होती है। इसने हमें काफी मदद की। उनसे सवाल हुआ कि क्या फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स आपका पसंदीदा विषय था?
योगी ने मुस्कुराते हुए कहा विज्ञान के अध्ययन से पता चला कि इसकी सीमाएं सीमित हैं। इसलिए अध्यात्म को चुन लिया। यह पूछे जाने पर कि बचपन में वे पढ़ाकू थे या डांट खाते थे। योगी ने कहा, जो हर बच्चे की कहानी, वही मेरी भी।
उन्होंने कहा, गोरखपुर में ‘प्रताप हॉस्टल’ के छात्रों के लिए पहली बार सड़क पर उतरने से लेकर व्यापारी की हत्या के खिलाफ आंदोलन के बाद जेल जाने और संसद में एक बेबस संन्यासी नजर आने से जुड़ी घटनाओं के तथ्य भी साझा किए।
योगी बोले, राजनीति छोड़ना चाहता था
एक सवाल के जवाब में योगी ने कहा कि पहली बार सांसद बनने के बाद ही राजनीति के छल-प्रपंच से मन व्यथित हो गया था। 5-6 महीने बाद ही अपने गुरु से कहा कि राजनीति मुझे नहीं जंच रही। उन्होंने कहा कि पलायन न करो। इसे सेवा का माध्यम बनाओ।
छुआछूत और भेदभाव पर
छुआछूत और भेदभाव से जुड़े सवाल पर योगी ने कहा कि नाथ संप्रदाय से हर जाति, धर्म का व्यक्ति जुड़ सकता है। मेरे गुरु अवेद्यनाथ ने वाराणसी में डोम राजा के घर सहभोज किया। आज केरल सरकार छह दलित पुजारियों की नियुक्ति की घोषणा कर रही है। मेरे गुरु ने 1990 के दशक में ही यह काम कर दिया था। उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक कौन, सेकुलर कौन, इस पर बहस होनी चाहिए।
25 साल में कोई फिल्म नहीं देखी
हॉलीवुड एक्टर वीन डीजल से यूपी चुनाव में तुलना किए जाने से जुड़े सवाल पर योगी ने कहा कि 25 साल में उन्होंने कोई फिल्म नहीं देखी। इसलिए इस बारे में कुछ नहीं कह सकते।
बंगाल तो जाना ही पड़ेगा
क्या केरल के बाद पश्चिम बंगाल भी जाएंगे? योगी ने कहा कि नेतृत्व जहां कहेगा, वहां जाएंगे। पश्चिम बंगाल रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद व श्यामा प्रसाद मुखर्जी की धरती है। वहां तो जाना ही पड़ेगा।