Ayodhya : सीएम योगी ने कहा, प्राण प्रतिष्ठा सिर्फ समारोह नहीं, राष्ट्रीय उत्सव, हनुमानगढ़ी में किए दर्शन
CM Yogi Ayodhya Visit : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या पहुंच गए हैं। यहां पहुंचते ही सबसे पहले उन्होंने हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन किया। वह सर्किट हाउस में अफसरों के साथ बैठक करेंगे और विकास योजनाओं की समीक्षा करेंगे।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को अयोध्या पहुंचे हैं। वे सबसे पहले हनुमंतलला के दरबार में पहुंचे और फिर रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई। मंगलवार होने के नाते हनुमानगढ़ी में भारी भीड़ है। भीड़ नियंत्रण के लिए प्रशासन ने जगह-जगह बैरियर लगाकर श्रद्धालुओं को रोका है ताकि मुख्यमंत्री के आवागमन में कहीं कोई दिक्कत ना हो।
मुख्यमंत्री के हनुमानगढ़ी के प्रवेश द्वार पर पहुंचते ही श्रद्धालुओं ने जय श्रीराम का जयघोष शुरू कर दिया तो सीएम योगी ने भी हाथ हिलाकर श्रद्धालुओं का अभिवादन किया। 5 मिनट दर्शन पूजन करने के बाद सीएम योगी हनुमानगढ़ी से रामलला के दर्शन के लिए निकल पड़े हैं।
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रामलला के दर्शन के बाद वे विकास कार्यों का निरीक्षण करेंगे फिर सर्किट हाउस में समीक्षा बैठक करेंगे। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारी के साथ भी बैठक कर प्राण प्रतिष्ठा समारोह की तैयारी पर चर्चा करेंगे। रामनगरी के साधु संतों से मुलाकात करने की भी योजना है।
आगंतुकों को अविस्मरणीय अतिथि सत्कार मिले, सरकारी भवनों की साज-सज्जा कराएं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा सिर्फ समारोह नहीं है, बल्कि ये राष्ट्रीय उत्सव है। अयोध्या में आगंतुकों को अविस्मरणीय अतिथि सत्कार मिलना चाहिए। 22 जनवरी को सभी सरकारी भवनों की साज-सज्जा कराई जाए। आतिशबाजी के भी प्रबंध हों। स्वच्छता का कुंभ मॉडल लागू किया जाए। सीएम योगी मंगलवार को यहां श्रीरामलला के नवीन विग्रह के प्राण प्रतिष्ठा समारोह की तैयारियों को परखने के लिए पहुंचे थे।
विकास परियोजनाओं का निरीक्षण करने के बाद आयुक्त सभागार में उच्चस्तरीय बैठक में समीक्षा की। कहा कि वीवीआईपी के विश्राम स्थल पहले से ही तय होना चाहिए। श्रद्धालुओं व पर्यटकों को अयोध्या की महिमा से परिचित कराने के लिए टूरिस्ट गाइड तैनात किए जाएं। यहां पर निवासरत बाहरी लोगों का सत्यापन कराया जाए।
कुंभ की तर्ज पर तैयार करें टेंट सिटी
मुख्यमंत्री ने कहा कि मौसम के दृष्टिगत संभव है कि कुछ अतिथि एक-दो दिन पहले ही आ जाएं। ऐसे में उनके ठहरने की बेहतर व्यवस्था हो। होटल और धर्मशालाओं के साथ होम स्टे की व्यवस्था है। टेंट सिटी की संख्या को और बढ़ाया जाए। कुंभ की तर्ज पर 25-50 एकड़ में भव्य टेंट सिटी तैयार कराएं। 22 जनवरी के बाद दुनिया भर से रामभक्तों का आगमन होगा। उनकी सुविधा के लिए पूरे नगर में विभिन्न भाषाओं में साइनेज लगाए जाएं। धर्म पथ, जन्मभूमि पथ, भक्ति पथ व राम पथ जैसे प्रमुख मार्गों और गलियों में धूल न उड़े, गंदगी न हो। जगह-जगह कूड़ेदान रखे हों। वेस्ट मैनेजमेंट की व्यवस्था हो। अभी 3800 से अधिक स्वच्छताकर्मी तैनात हैं, 1500 कर्मचारियों की संख्या और बढ़ाई जाए। प्रतिबंधित पॉलीथिन मुक्त नगर हो, इसके लिए सभी को प्रयास करना होगा।
टेंट सिटी में 10-10 बेड का स्वास्थ्य केंद्र तैयार कराएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी टेंट सिटी में 10-10 बेड का स्वास्थ्य केंद्र तैयार कराएं। इसमें सामाजिक व सांस्कृतिक संगठनों का भी सहयोग लें। यहां एम्बुलेंस की तैनाती हो। विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सकों को अयोध्या में तैनात करें। यहां ठहरने वालों को गर्म पानी मिले। टेंट सिटी में खाद्यान्न की उपलब्धता बनी रहे, इसके लिए खाद्य एवं रसद विभाग व मंडी परिषद की ओर से जरूरी व्यवस्था की जाए। रैन बसेरों को और व्यवस्थित करें। कई स्थानों पर इनकी संख्या बढ़ाने की आवश्यकता है। यहां रात्रि विश्राम करने वाला एक भी व्यक्ति ठंड से ठिठुरता न मिले। राहत आयुक्त के स्तर से इसके लिए प्रबंध किए जाएं।
विभिन्न मार्गों को श्लोक, चौपाई व दोहों से बनाएं आकर्षक
मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ, प्रयागराज और गोरखपुर से अयोध्या आने वाले मार्गों को रामायण व रामचरित मानस के श्लोकों, चौपाइयों और दोहों से आकर्षक बनाएं। अयोध्या को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों पर पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था हो। आगंतुकों के आवागमन के लिए इलेक्ट्रिक बसों की पर्याप्त उपलब्धता हो। अयोध्या का डिजिटल टूरिस्ट ऐप इसी सप्ताह तैयार करा लें। इसमें यहां की सभी आधारभूत सुविधाओं व प्रमुख स्थलों की जानकारी वॉक थ्रू के माध्यम से उपलब्ध हो। अयोध्या नगर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह का लाइव प्रसारण हो। इसके लिए पर्याप्त मोबाइल वैन व एलईडी स्क्रीन की व्यवस्था हो। प्राण प्रतिष्ठा में पूरी दुनिया से लोग आएंगे। यहां तैनाती पाने वाले पुलिसकर्मियों का व्यवहार प्रदेश की छवि प्रभावित करने वाला होगा। ऐसे में उनकी काउंसिलिंग की जाए। केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों से संपर्क बनाए रखें।
अयोध्या की गरिमा के अनुकूल करें अतिथियों के स्वागत की तैयारी
सीएम योगी आदित्यनाथ प्राण प्रतिष्ठा समारोह की तैयारी परखने मंगलवार को अयोध्या पहुंचे। हनुमंतलला के दरबार में हाजिरी लगाई। रामजन्मभूमि परिसर जाकर रामलला की आरती-पूजा की। मंदिर निर्माण समेत अन्य योजनाओं की भौतिक प्रगति भी देखी। एलएंडटी के ऑफिस में ट्रस्ट के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए की जा रही तैयारियों की प्रगति जानी। उन्होंने कहा कि अयोध्या की गरिमा के अनुकूल समारोह में आने वाले अतिथियों के भव्य अभिनंदन की तैयारी करें।
ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने मुख्यमंत्री को प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान की पूरी जानकारी दी। भूतल में कितना काम बचा है, इस सवाल पर बताया गया कि 12 जनवरी तक भूतल पूरी तरह से तैयार हो जाएगा। सीएम ने कहा कि 15 जनवरी तक सारे काम पूरे हो जाएं। मुख्यमंत्री ने कुबेर टीला के सुंदरीकरण कार्य और जटायु की मूर्ति को भी देखा। कुबेर टीला पर स्थित प्राचीन शिवालय का सुंदरीकरण कराए जाने पर प्रशंसा की। पीएम नरेंद्र मोदी के आने के रास्ते, अतिथियों के बैठने के इंतजाम, सुरक्षा उपकरणों, यात्री सुविधा केंद्र की भी प्रगति जानी। जलकल अमानीगंज के पास मल्टीलेवल पार्किंग और हनुमान गुफा के पास बन रही टेंट सिटी का निरीक्षण किया। बाग बिजेसी में निर्मित टेंट सिटी भी गए।
महंत नृत्यगोपाल दास समेत संतों से की भेंट
सीएम ने श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास से उनके आश्रम मणिरामदास की छावनी जाकर भेंट की। महंत नृत्यगोपाल दास से कहा कि महाराज श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में आपको दर्शन देना है... जवाब में महंत जी ने जय श्रीराम कहा। सीएम ने दिगंबर अखाड़ा जाकर महंत सुरेश दास से भी भेंट कर उनका कुशलक्षेम जाना। सर्किट हाऊस में संतों के साथ बैठक भी की। संतों से अपील किया कि प्राण प्रतिष्ठा समारोह को ऐतिहासिक बनाने में हर तरह से योगदान करना है, संतों ने भी उत्सव को भव्य बनाने का आश्वासन दिया।