उत्तर प्रदेश के इन शहरों में भी सरपट दौड़ेगी मेट्रो ट्रेन
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बृहस्पतिवार को विधानसभा में बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों का हवाला दिया और साथ ही वाराणसी, कानपुर, आगरा और मेरठ में भी मेट्रो ट्रेन चलाने की घोषणा की।
अखिलेश बोले यूपी देश का पहला राज्य है जिसके तीन जिलों, लखनऊ, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में मेट्रो पर काम चल रहा है। चार और शहरों में मेट्रो शुरू की जाएगी।
वाराणसी, कानपुर, आगरा और मेरठ में मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए डीपीआर तैयार कराई जा रही है। अखिलेश ने वादा किया कि लखनऊ में समय सीमा में मेट्रो आएगी। मेट्रोमैन श्रीधरन को सलाहकार बनाया गया है।
15 लाख घरों तक पहुंचाया लैपटॉप
बसपा और भाजपा की तरफ इशारा करते हुए कहा कि बजट पर चर्चा के दौरान इनके नेताओं ने लैपटॉप योजना बंद करने पर विरोध जताया है। जब योजना शुरू की गई तब भी इन्होंने विरोध किया था। नेता विरोधी दल ने तो लैपटॉप को झुनझुना कहा था। उनकी बात मानकर लैपटॉप योजना रोकी है तो कह रहे हैं, झुनझुना क्यों वापस ले रहे हैं ?
उन्होंने कहा कि छात्रों को पढ़ने और रोजगार देने के लिए लैपटॉप दिए थे। 15 लाख घरों तक लैपटॉप पहुंचाए गए। यह उनकी सेकुलर और सोशलिस्ट योजना थी। इनमें जाति, धर्म का कोई भेदभाव नहीं था।
उन्होंने कहा, अभी हमारी सरकार चल रही है। देखते हैं, भविष्य में इस पर क्या होता है ? यह भी देखेंगे कि भाजपा लैपटॉप से बढ़कर क्या देने जा रही है ?
बसपा पर भड़के मुख्यमंत्री
प्रदेश में निवेश बढ़ाने के लिए लगातार काम करना होगा। पिछली सरकार ने पांच साल में इस दिशा में काम किया होता तो वह उसे आगे बढ़ाते लेकिन बसपा ने एक भी इंवेस्टर मीट नहीं की।
वह प्रदेश में निवेश चाहती ही नहीं। उन्होंने कहा, कानून व्यवस्था पर प्रदेश को बदनाम किया जा रहा है। इस दुष्प्रचार में भाजपा सबसे आगे हैं। वह ‘चालू’ पार्टी है। चुनाव में भाजपा ने विकास पर कम सांप्रदायिकता पर ज्यादा चुनाव लड़ा।
देश के लोकतंत्र में यह पहला लोकसभा चुनाव था, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, सोशल और प्रिंट मीडिया में इतने बड़े पैमाने पर किसी दल (भाजपा) ने प्रचार किया। इससे भ्रष्टाचार खत्म नहीं होगा, और बढ़ेगा।
बदायूं रेप केस पर तोड़ी चुप्पी
बदायूं रेप एंड मर्डर केस पर अखिलेश ने कहा कि बदायूं में पीड़ितों के दलित परिवार से होने का प्रचार भाजपा ने ज्यादा किया। केंद्रीय गृह मंत्रालय को भी उन्होंने कन्फ्यूज कर दिया। उन्होंने इस घटना की जांच की जिम्मेदारी सीबीआई को दे दी।
किसी भी फैसले में देरी नहीं की। उन्होंने अफसरों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी घटना पर मीडिया से पहले पहुंचे। इसका असर हुआ है।
उन्होंने कहा कि कुछ चैनल यूपी में आपराधिक घटनाओं के साथ मेरा फोटो दिखाकर खबर चलाते हैं। नागालैंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान या दूसरे राज्यों की घटनाओं में वहां के मुख्यमंत्रियों का फोटो नहीं दिखाया जाता।
भाजपा की तरफ इशारा करते हुए कहा कि वे राजनीति लाभ के लिए घटनाओं को तूल देते हैं। महिलाओं पर होने वाले अपराधों के आंकड़े पेश करने में उन्हें दुख होता है। उन्होंने विपक्षी दलों से कहा कि इन्वेस्टमेंट के दौर में वे प्रदेश की छवि का भी ध्यान रखें।
उद्योगों को दे रहे हैं बढ़ावा
अखिलेश ने दोहराया कि चुनाव हारने के बाद भी हमने दिल्ली में इन्वेस्टर मीट की। इसमें बड़ी तादाद में निवेशक आए। आगरा समिट में निवेशकों को केवल योजनाएं बताई गईं थी लेकिन दिल्ली में 60 हजार करोड़ से ज्यादा के एमओयू साइन हुए हैं।
उन्होंने कहा, प्रदेश में हर रोज दो करोड़ अंडों का कारोबार है, हमने इसकी पहचान कर पॉलिसी बनाई। दूध उत्पादन में प्रदेश नंबर एक पर है। दूध के बाजार को देखते हुए हमने अमूल को लाने का काम किया।
इनफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र के विकास पर सर्वाधिक ध्यान दिया जा रहा है। इसी से निवेश आएगा और नौकरियां मिलेंगी। अखिलेश ने कहा कि फिरोजाबाद में एक हजार एकड़ में इंडस्ट्रियल टाउन बसाया जाएगा। गेल, ओएनजीसी के विस्तार के प्रस्ताव मिले हैं।
एचसीएल को हम लखनऊ ला रहे हैं, यहां आईटी सिटी बसेगा। इनफोसिस पहली बार उत्तरी भारत में आ रही है। सैमसंग के एक्सटेंशन का भी प्रस्ताव मिला है। जरूरत पड़ी तो और इंडस्ट्रियल एरिया और हार्डवेयर सिटी भी बनाएंगे।
लोकतंत्र सेनानियों की पेंशन बढ़ेगी
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार लोकतंत्र सेनानियों की पेंशन बंद नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों की पेशन नेताजी (मुलायम) ने शुरू की थी। सरकार इस पेंशन को बढ़ाने जा रही है।
चोंच लड़ा रहे केंद्रीय मंत्री
मुख्यमंत्री ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री अब ट्विटर से बात कर रहे हैं। उन्होंने भाजपा नेताओं से पूछा कि क्या वे बता सकते हैं कि ट्विटर को हिंदी में क्या कहते हैं। फिर खुद ही कहा, ट्विटर का मतलब है, चोंच लड़ाना। आम लोग अभी ट्विटर को नहीं जानते।
सड़क और विकास पर्याय
‘इफ वी कैन डबल द् स्पीड, वी कैन ट्रिपल द् इकोनामी’ अंग्रेजी की इस फ्रेज को कोट करते हुए अखिलेश यादव ने सड़क विस्तार पर खास जोर दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका का विकास सड़कों के कारण हुआ है। उनकी सरकार भी सड़कों पर खास जोर दे रही है।
आगरा और लखनऊ के बीच एक्सप्रेस वे के लिए बजट में तीन हजार करोड़ का इंतजाम किया गया है। इससे कृषि क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा और एग्रो प्रोडक्ट और फूड प्रोसेसिंग की इकाइयां आएंगी। उन्होंने बजट में सड़कों, पुलों के निर्माण पर खास जोर दिया है।