'दोबारा सत्ता में आए तो एचसीएल को बुंदेलखंड और पूर्वांचल ले जाएंगे'
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि सपा सरकार ने प्रदेश को विकास के रास्ते पर लाने का काम किया है। सरकार एचसीएल जैसी नामी कंपनियों को नोएडा से निकालकर लखनऊ लाई।
अगली बार सत्ता में आए तो एचसीएल को बुंदेलखंड और पूर्वांचल भी ले जाएंगे। उन्होंने कहा कि एचसीएल राजधानी में आईटी सिटी डवलप कर रही है जिसने नौकरियां देनी शुरू कर दी हैं।
पहले सूबे के जो युवा हैदराबाद और बंगलूरू में नौकरियां करने को मजबूर थे, वे अब लखनऊ वापस आकर एचसीएल में नौकरी कर रहे हैं।
अखिलेश ने कहा कि उन्होंने अपना विकास मॉडल लोगों के सामने रख दिया है। दूसरे लोगों को भी अपना विकास मॉडल सामने रखना चाहिए।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को गोमतीनगर के एक होटल में लखनऊ विश्वविद्यालय की ओर से ‘बजट : 2016-17’ पर पैनल डिस्कशन के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे।
जनप्रतिनिधियों की बातें सुनकर बजट में की शामिल
अखिलेश ने कहा कि बजट निर्माण की प्रक्रिया में उन्होंने कई नई पहल की है। उन्होंने बजट के पहले ही जनप्रतिनिधियों से बात कर उनकी मांगें ले लीं और उन्हें बजट में शामिल किया। वहीं, साल का विकास एजेंडा बजट से पहले तैयार कराया।
इससे सरकार की प्राथमिकताएं पहले ही तय हो गईं और उनके लिए पैसे का बंदोबस्त भी हो गया। साल भर उस पर काम होता रहा। इससे योजनाएं तय समय पर पूरी होती गईं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने संतुलित विकास की शुरुआत की है। शहरों के विकास की चिंता की है तो गांव-किसान की तरक्की की राह भी खोली है। एक्सप्रेस-वे बनवा रहे हैं जो किसानों के लिए खुशहाली का रास्ता लाएगा।
आईटी सिटी युवाओं को नौकरियां देगी तो अमूल और पराग के आने से किसानों को फायदा मिलेगा। मेट्रो के आने से परिवहन व्यवस्था सुधरेगी तो बिजनेस, नौकरी, रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
सरकार की इन योजनाओं का खास योगदान
अखिलेश ने बताया कि 55 लाख महिलाओं को समाजवादी पेंशन का भुगतान बैंक खातों में कर रहे हैं। किसानों को खाद-बीज की सब्सिडी डायरेक्ट बेनिफिट स्कीम के जरिये देकर यूपी ने देश में सराहना पाई है।
गाजीपुर में दूध बेचने वालों की मुश्किलें पता चलीं तो उनके लिए बस चलवा दी। इसी तरह दूसरी जगहों पर पानी और सब्जी के लिए सुविधाएं दिलाई हैं।
बिजली की आपूर्ति बढ़ाई तो उत्पादन पर भी ध्यान दिया। प्रमुख सचिव वित्त राहुल भटनागर, लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एसबी निमसे, विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अरविंद मोहन और यूनीसेफ के अमित मेहरोत्रा ने भी विचार रखे।
केंद्र ने यूपी को नहीं दी नौ हजार करोड़ की सहायता
मुख्यमंत्री ने भाजपा और बसपा के विकास मॉडल पर सवाल भी उठाए। उन्होंने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि एक सरकार विकास की बात कर रही है, पर पैसा ही नहीं दे रही।
14वें वित्त आयोग से तो यूपी का पैसा बढ़ गया लेकिन केंद्र ने 9000 करोड़ की सहायता काट दी। इससे विकास कैसे होगा? उन्होंने पिछली बसपा सरकार पर भी निशाना साधा।
कहा कि एक्सप्रेस-वे के लिए उन्होंने खूब स्वीटनर दिए, मगर आज हाल ये है कि स्वीटनर पाने वाला 60 हजार करोड़ के घाटे में चला गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने एक्सप्रेस-वे के लिए कोई स्वीटनर नहीं दिया। किसानों की सहमति से जमीन खरीदी।