कॉलेज प्रबंधक अपनी बहू को अलग कमरे में दिला रहे थे परीक्षा
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वार्षिक परीक्षाओं के दौरान लखनऊ विश्वविद्यालय से संबद्ध आदर्श सत्येंद्र महाविद्यालय में जब उड़ाका दल पहुंचा तो उसे कॉलेज के परीक्षा संचालन कक्ष में वहां के प्रबंधक की बहू परीक्षा देते मिली।
इस मामले की रिपोर्ट उड़ाका दल ने विवि के प्रॉक्टर ऑफिस में की है। 11 अप्रैल को सुबह 8 से 11 बजे की पाली में बीए द्वितीय वर्ष एजुकेशन, जियोग्राफी और बीए तृतीय वर्ष इंग्लिश का पेपर चल रहा था।
जब उड़ाका दल आदर्श सत्येंद्र कॉलेज पहुंचा तो एक कमरे में जाने पर जितने स्टूडेंट्स की उपस्थिति दर्ज थी उनमें से एक अनुपस्थित नजर आया। पूछने पर कॉलेज प्रबंधक ने बताया कि परीक्षार्थियों में एक उसकी बहू है जो कि तबीयत खराब होने के चलते परीक्षा संचालन कक्ष में बैठी है।
जबकि उसी विषय से संबंधित बाकी सभी स्टूडेंट्स अलग कमरे में परीक्षा दे रहे थे। इस बारे में पूछने पर चीफ प्रॉक्टर प्रो. निशि पांडेय ने बताया कि उड़ाका दल की रिपोर्ट परीक्षा नियंत्रक एसके शुक्ला को भेज दी गई है।
चार मार्च को भी मिली थी गड़बड़ी की रिपोर्ट
इस कॉलेज में गड़बड़ी की आशंका का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले चार मार्च को भी कॉलेज में परीक्षाओं के दौरान गड़बड़ी की रिपोर्ट उड़ाका दल ने की थी। इसके बाद पांच मार्च को कुलपति प्रो. एसबी निमसे के निर्देश पर इस कॉलेज में सभी परीक्षाओं के दौरान आब्जर्वर नियुक्त करने के लिए कहा गया।
11 अप्रैल को कॉलेज में इतनी बड़ी गड़बड़ी सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि यदि कॉलेज में विवि के आब्जर्वर तैनात थे तो ऐसा कैसे हुआ। वह ऑब्जर्वर उड़ाका दल को क्यों नहीं मिले। इसका सीधा सा जवाब है कि कुलपति के निर्देश के बावजूद यहां ऑब्जर्वर या तो बैठाए नहीं गए या वह ड्यूटी करने नहीं पहुंचे।
वहीं इस बारे में जब परीक्षा नियंत्रक एसके शुक्ला से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि फिलहाल चीफ प्रॉक्टर कार्यालय से उन्हें रिपोर्ट नहीं मिली। रिपोर्ट देखने के बाद ही कुछ कह सकते हैं।