लखनऊ में मारे गए आतंकी सैफुल्ला के आठ साथियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मार्च में पुलिस एनकाउंटर में मार गिराए गए संदिग्ध आतंकी सैफुल्लाह के आठ अन्य साथियों के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बृहस्पतिवार को चार्जशीट दायर कर दी। एनआईए की विशेष अदालत में दाखिल आरोप पत्र में कहा गया है कि देश में आईएसआईएस की गतिविधियां बढ़ाने और आतंकी घटनाओं को अंजाम देने में इनकी भागीदारी के पक्के सबूत मिले हैं।
दरअसल सात और आठ मार्च को लखनऊ के ठाकुरगंज थानाक्षेत्र में एटीएस ने आईएस के संदिग्ध आतंकी सैफुल्लाह को एनकाउंटर में मार गिराया था। उसके गिरोह के आठ सदस्यों को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया गया था। बाद में यह मामला एनआईए को ट्रांसफर कर दिया गया था।
एनआईए द्वारा बृहस्पतिवार को दाखिल की गई चार्जशीट में आईपीसी की धारा 121, 121-ए, 122 और 123 के तहत व गैर कानूनी गतिविधियां अधिनियम (रोकथाम) अधिनियम 1967 की धारा 17, 18, 18ए, 18 बी, 23 और 38 के साथ साथ शस्त्र अधिनियम व विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धाराओं के तहत आठ लोगों को आरोपी बनाया गया है।
इसमें कानपुर के रहने वाला मोहम्मद फैसल, गौस मोहम्मद, मोहम्मद अजहर, आतिफ मुजफ्फर, मोहम्मद दानिश, आसिफ इकबाल, मोहम्मद आतिफ और कन्नौज निवासी सैयद मीर शामिल हैं।
एनआईए ने आरोप पत्र कहा है कि आरोपियों ने आईएसआईएस के प्रति बेयत (निष्ठा की शपथ) ली थी और भारत में आतंकवादी गतिविधियों को आगे बढ़ाने, युवाओं को आईएसआईएस में भर्ती करने, धन जुटाने, आतंकवादी कैंप चलाने, और आतंकवादी घटनाओं को अंजाम देने की साजिश रची। इन लोगों ने आईएसआईएस की विचारधारा से लोगों को जोड़ने का भी काम किया।
इराक ओर सीरिया भेजने में रहे नाकाम
एनआईए के आरोप पत्र के अनुसार पकड़े गए अभियुक्तों को इराक-सीरिया में आईएसआईएस क्षेत्र में स्थानांतरित करने के लिए इन लोगों ने देश के सीमावर्ती इलाकों का दौरा भी किया। लेकिन सफलता नहीं मिली।
इन संदिग्ध आतंकियों ने भारत में आतंकवादी घटनाओं को अंजाम देने के लिए हथियार, गोला बारूद और विस्फोटक खरीदे। साथ ही धर्म गुरुओं और धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने का प्रयास किया। एनआईए ने कहा है कि लखनऊ में एक धार्मिक स्थल और वहां के धार्मिक विद्वान को मारने के लिए इन युवकों ने रेकी भी की।
कानपुर में एक व्यक्ति की हत्या भी कर चुके हैं यह आतंकी
एनआईए ने चार्जशीट में कानपुर में 2010 में हुई रमेश चंद्र शुक्ला की हत्या का भी जिक्र किया है जिसे आतिफ मुजफ्फर, सैफुल्लाह और मोहम्मद फैसल ने अंजाम दिया था। इसी साल की शुरुआत में इन युवकों ने बाराबंकी के देवा शरीफ और अन्य धार्मिक स्थल पर विस्फोटक लगाने के लिए रेकी की।
एनआईए ने आतिफ मुजफ्फर, मोहम्मद दानिश और सैयद मीर को सात मार्च 2017 को भोपाल से उज्जैन जा रही भोपाल एक्सप्रेस में विस्फोटक रखने का आरोपी बताया है।