आशियाना रेप कांड: साढ़े 10 साल बाद गौरव शुक्ला पर आरोप तय
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राजधानी को सिहरा देने वाले आशियाना दुराचार कांड के मुख्य आरोपी गौरव शुक्ला पर गुरुवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने चार्ज फ्रेम कर दिए हैं। इसके तहत उस पर अपहरण, सामूहिक दुराचार और जान से मारने की धमकी देने के मामले में धारा तय की गई हैं। इन धाराओं में आरोपी को अधिकतम उम्र कैद हो सकती है।
2 मई 2005 को हुए इस अपराध के करीब साढ़े 10 वर्ष बाद हुई महत्वपूर्ण प्रगति के साथ साथ यह भी तय किया गया है कि फास्ट ट्रैक कोर्ट में अब हर सप्ताह दो दिन इस मामले का ट्रायल चलेगा। इसके तहत सोमवार और गुरुवार निर्धारित किए गए हैं।
वहीं पीड़ित पक्ष के वकील जलज गुप्ता ने बताया कि आरोपों पर अगर पीड़ित पक्ष या गौरव शुक्ला के पक्ष में से किसी को कोई आपत्ति हो तो इसे दर्ज करवाने के लिए अदालत ने 30 नवंबर तक का समय दिया है।
इस दौरान आरोप बढ़ाने का आवेदन भी किया जा सकता है। 30 नवंबर को ही ट्रायल की अगली तारीख निर्धारित की गई है।
हो सकती है उम्र कैद
धारा 365 : अधिकतम सजा सात वर्ष
गौरव शुक्ला पर अपने साथियों के साथ 15 वर्षीय बालिका का अपहरण करने के लिए धारा 365 लगाई गई है। इसके तहत किसी व्यक्ति का अपहरण कर उसे जबरन बंधक बनाए रखने का मामला बनता है। ऐसा करने वाले व्यक्ति या व्यक्तियों को अधिकतम सात वर्ष कैद की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।
धारा 376 (2) (छ) : अधिकतम सजा उम्र कैद
अपने साथियों के साथ कार में पीड़िता से गैंग रेप करने गौरव शुक्ला पर यह धारा लगाई गई है। इसके तहत उसे कम से कम 10 वर्ष की कैद हो सकती है। वहीं जज अगर चाहें तो उसे अधिकतम उम्र कैद की सजा भी दे सकते हैं।
धारा 506 : अधिकतम सजा दो वर्ष
पीड़िता को लाइटर से जलाने व जान से मारने की धमकी देने पर यह धारा गौरव शुक्ला पर लगाई गई। इसमें उसे 2 वर्ष या जुर्माना या फिर दोनों हो सकते हैं।