विवेक तिवारी हत्याकांड: सिर्फ 37 सेकंड में वारदात को दिया अंजाम, 81 दिन में हुई पड़ताल
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राजधानी के बहुचर्चित विवेक तिवारी हत्याकांड की पड़ताल कर रही एसआईटी ने बर्खास्त सिपाही प्रशांत चौधरी को हत्या और संदीप कुमार को मारपीट का दोषी माना है। एसआईटी प्रमुख आईजी रेंज सुजीत पांडेय ने बुधवार को जांच रिपोर्ट एडीजी जोन को सौंप दी।
रिपोर्ट में सीओ, कोतवाल व अन्य पुलिसकर्मियों की लापरवाही भी उजागर की गई है। इसके साथ विवेचक महानगर थाना के प्रभारी निरीक्षक विकास कुमार पांडेय ने प्रशांत पर हत्या और संदीप पर मारपीट का मुकदमा चलाने के लिए सीओ के समक्ष आरोपपत्र प्रस्तुत किया। इसे बृहस्पतिवार को न्यायालय में दाखिल किया जाएगा।
पुलिस महानिरीक्षक सुजीत पांडेय ने बताया कि एपल के एरिया सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी की 28 सितंबर की रात गोमतीनगर में गोली मारकर हत्या के मामले की पड़ताल की गई। इसमें मीडिया व अन्य लोगों द्वारा उठाए जा रहे सवालों का भी ध्यान रखा गया।
सीबीआई की तर्ज पर विवेचना में वैज्ञानिक संसाधनों के इस्तेमाल के साथ सुबूत एकत्र किए गए। हत्याकांड में बर्खास्त करके गिरफ्तार किए गए आरक्षी प्रशांत चौधरी के खिलाफ हत्या के पुख्ता सुबूत मिले, जबकि आरक्षी संदीप कुमार को वारदात के वक्त एसयूवी में सवार विवेक तिवारी की सहकर्मी को डंडा मारने का दोषी पाया गया।
सामने आई क्षेत्राधिकारी की लापरवाही
एसआईटी की जांच में एएसपी/तत्कालीन क्षेत्राधिकारी गोमतीनगर चक्रेश मिश्रा और प्रभारी निरीक्षक देवीप्रसाद तिवारी की लापरवाही भी उजागर हुई। गिरफ्तार दोनों आरक्षियों को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करके जेल भेजने के बजाय थाने बुलाकर बयान जारी करने की छूट दी गई। ड्यूटी लगाने में लापरवाही उजागर हुई। संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
दो बार रीक्रिएशन और 32 स्थानों पर छानबीन के साथ 68 लोगों के बयान दर्ज किए
हत्याकांड की 81 दिन की पड़ताल में क्राइम सीन का दो बार रीक्रिएशन और 32 स्थानों पर छानबीन के साथ 68 लोगों के बयान दर्ज किए गए। दो सीसीटीवी फुटेज से स्पष्ट हुआ कि सिर्फ 37 सेकंड में वारदात अंजाम दी गई थी।
आरक्षी संदीप कुमार के साथ गश्त पर निकले आरक्षी प्रशांत चौधरी ने देर रात सुनसान सड़क पर धीमी रफ्तार से जा रही एसयूवी के आगे अपनी बाइक खड़ी करके रोकना चाहा। आरक्षी संदीप डंडा लेकर एसयूवी के बाएं गेट के पास गया था।
विवेक ने साथ वाली बैठी सहकर्मी से पूछताछ करते देख गाड़ी लेकर भाग निकलना चाहा। इस पर संदीप ने उसके सहकर्मी को डंडा मारा और एसयूवी की टक्कर से बाइक समेत गिरे प्रशांत ने उठते ही सर्विस पिस्टल से विवेक को निशाना बनाकर गोली मार दी थी।