दरोगा भर्ती नियमावली में संशोधन, अब 50 फीसदी पदों पर होगी सीधी भर्ती
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यूपी में अब दरोगा के पचास प्रतिशत पद सीधी भर्ती और बाकी पचास प्रतिशत प्रोन्नति से ज्येष्ठता के आधार पर भरे जाएंगे। वहीं निरीक्षक के सभी पद प्रोन्नति से भरे जाएंगे।
इसके लिए कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश उप निरीक्षक और निरीक्षक (नागरिक पुलिस) सेवा नियमावली 2016 में संशोधन कर दिया है। प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार ने बताया कि पुरानी व्यवस्था के तहत दरोगा के पचास प्रतिशत पद सीधी भर्ती से भरने और बाकी पचास प्रतिशत पदों में से दो तिहाई ज्येष्ठता के आधार पर प्रोन्नति से और एक तिहाई पद विभागीय परीक्षा के आधार पर भरे जाने का प्रावधान था।
इसी तरह निरीक्षक के कुल स्वीकृत पदों में से दो तिहाई पद ज्येष्ठता के आधार पर और बाकी एक तिहाई पद विभागीय परीक्षा के आधार पर भरने प्रावधान था। नई नियमावली में विभागीय परीक्षा के आधार पर प्रोन्नति के प्रावधान को सरकार ने समाप्त कर दिया है।
बंदी रक्षक पद पर अब लिखित परीक्षा से होगी भर्ती
राज्य सरकार ने कांस्टेबल के बाद अब बंदी रक्षक (जेल वार्डर) की भर्ती के लिए लिखित परीक्षा अनिवार्य कर दी है। पिछली सरकार ने 10 वीं व 12वीं के अंक पत्र और शारीरिक परीक्षा के आधार पर जेल वार्डर की भर्ती का फैसला किया था। अब इसमें संशोधन किया गया है। बंदी रक्षकों की भर्ती अब लिखित परीक्षा के आधार पर होगी। सिपाही की तरह ही बंदी रक्षकों की भर्ती होती है।
अखिलेश सरकार ने खत्म कर दी थी लिखित परीक्षा की अनिवार्यता
अखिलेश सरकार ने सिपाही व बंदी रक्षक की भर्ती प्रक्रिया में संशोधन करके लिखित परीक्षा की अनिवार्यता समाप्त कर दी थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में इससे संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।
प्रदेश में कारागारों की सुरक्षा और आंतरिक व्यवस्था के लिए बंदी रक्षक की अहम जिम्मेदारी होती है। प्रदेश के कारागारों में क्षमता से अधिक कैदी हैं। वहीं बंदी रक्षकों की संख्या स्वीकृत पदों के मुकाबले लगभग आधी है। बंदी रक्षक के कुल 7031 पद हैं।
मौजूदा समय इनमें से 3658 पदों पर कर्मचारी तैनात हैं, शेष 3373 पद रिक्त हैं। अब इन पदों को नई नियमावली के अनुसार भरा जाएगा।