फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   changes in sarv shiksha abhiyan

निजी स्कूलों की तरह ही होंगे परिषदीय स्कूल

Tue, 27 May 2014 11:06 AM IST
शैलेंद्र श्रीवास्तव/अमर उजाला,लखनऊ
शैलेंद्र श्रीवास्तव/अमर उजाला,लखनऊ Updated Tue, 27 May 2014 11:06 AM IST
विज्ञापन
changes in sarv shiksha abhiyan

सर्व शिक्षा अभियान के तहत केंद्र की मंजूरी मिलने के बाद परिषदीय स्कूल भी निजी स्कूलों की तरह काम करेंगे।

विज्ञापन


निजी स्कूल की तरह परिषदीय स्कूल के छात्र भी रिपोर्ट कार्ड हाथ में लिए नजर आएं तो चौंकने की जरूरत नहीं है। अब परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को भी रिपोर्ट कार्ड दिया जाएगा।

इसमें उनके सतत मूल्यांकन का पूरा ब्यौरा होगा। छात्र साल में कितने दिन स्कूल आया और पढ़ाई में वह कैसा है, इसका विस्तार से जिक्र किया जाएगा।

रिपोर्ट कार्ड की छपाई पर प्रति छात्र पांच रुपये के हिसाब से खर्च किया जाएगा।

सर्व शिक्षा अभियान के तहत केंद्र सरकार ने इसकी मंजूरी दे दी है। छात्रों को रिपोर्ट कार्ड देने की प्रक्रिया नए सत्र से शुरू की जाएगी।

बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को अभी तक रिपोर्ट कार्ड नहीं दिया जा रहा था। उन्हें केवल एक पर्चे पर ही रिजल्ट दे दिया जाता था।

शिक्षा का अधिकार अधिनियम में जहां 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों की शिक्षा अनिवार्य की गई है, वहीं उनका सतत मूल्यांकन करने के साथ रिपोर्ट कार्ड देना भी अनिवार्य किया गया है।
विज्ञापन


बेसिक शिक्षा विभाग ने इसके आधार पर ही इस बार सर्व शिक्षा अभियान के तहत रिपोर्ट कार्ड देने के लिए बजट की मांग की थी। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


विभागीय जानकारों की मानें तो परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को नए सत्र से रिपोर्ट कार्ड दिया जाएगा।

इसके लिए जिलेवार छात्रों को ब्यौरा एकत्र कराया जा रहा है। इसी आधार पर जिलों को पैसे दिए जाएंगे।

ऐसे होगा सतत मूल्यांकन
प्राथमिक स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा 1 से 3 तक के बच्चों के लिए हिंदी, अंग्रेजी व गणित में गतिविधि आधारित शिक्षा दी जाएगी।

इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को पढ़ाने-लिखाने के साथ गणित में दक्ष बनाने के लिए नया पाठ्यक्रम तैयार होगा।

कक्षा 1 व 2 के बच्चों को हिंदी व गणित तथा कक्षा 3 से 5 तक के बच्चों के लिए अंग्रेजी व गणित का वर्कबुक मुफ्त देने के साथ उनके मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

छात्रों की पढ़ाई का औसत, उनका रिजल्ट और स्कूल में उनकी उपस्थिति को आधार मानते हुए सतत मूल्यांकन किया जाएगा।

इस पर बेसिक शिक्षा सचिव नीतीश्वर कुमार का कहना है कि परिषदीय स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों को अब रिपोर्ट कार्ड दिया जाएगा।

इसके साथ ही उनके सतत मूल्यांकन पर जोर दिया जाएगा। सतत मूल्यांकन के संबंध में अधिकारियों को निर्देश दे दिया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed