यूपी: सरकार के साथ ही संगठन में फेरबदल की चर्चा, कुछ की बदल सकती है जिम्मेदारी
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स्वतंत्र देव सिंह के भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त होने के साथ ही संगठन में फेरबदल की भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। बताया जा रहा है कि प्रदेश के मौजूदा पदाधिकारियों में कुछ की जिम्मेदारी बदली जा सकती है।
कुछ का कद बढ़ाते हुए उन्हें भविष्य की भूमिका के लिए केंद्रीय टीम में भेजा जा सकता है। लोकसभा चुनाव में बेहतर काम करने वाले क्षेत्रों व जिलों के कुछ चेहरों को प्रदेश टीम में भागीदारी देकर इनका कद बढ़ाया जा सकता है।
वैसे पार्टी का सदस्यता अभियान चल रहा है और संगठनात्मक चुनाव की तारीखें भी तय हो चुकी हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संगठन के चुनाव 1 सितंबर से शुरू हो जाएंगे। ऐसे में बड़े पैमाने पर संगठनात्मक बदलाव की अभी तक संभावना नहीं थी। पर, नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति और निकट भविष्य में प्रदेश मंत्रिमंडल में फेरबदल के संकेतों को देखते हुए प्रदेश संगठन में कुछ न कुछ बदलाव होना सुनिश्चित हो गया है। व्यापक फेरबदल संगठनात्मक चुनाव के बाद स्वतंत्र देव सिंह के प्रदेश अध्यक्ष पद पर निर्वाचित होने की औपचारिकता पूरी होने के बाद होगा।
यह है वजह
मंत्रिमंडल फेरबदल में भाजपा के मौजूदा प्रदेश पदाधिकारियों में कम से कम चार चेहरों के शामिल होने की प्रबल संभावनाएं बताई जा रही हैं। ऐसा होने पर संगठन में चार पद खाली हो जाएंगे। ऐसे में इनके स्थान पर नए पदाधिकारियों की नियुक्ति करनी ही होगी।
जानकारी के मुताबिक, क्षेत्रों में अच्छा काम करने वाले कुछ लोगों को तरक्की देकर इन स्थानों पर बैठाया जा सकता है। कुछ प्रदेश मंत्रियों को तरक्की देकर उपाध्यक्ष या महामंत्री बनाया जा सकता है।
उपचुनाव के बाद फेरबदल संभावित
संगठनात्मक फेरबदल का अभी कोई समय तय नहीं है, पर विधानसभा उपचुनाव के नतीजों के बाद इसके होने के आसार हैं। कारण, तब तक प्रदेश मंत्रिमंडल के पुनर्गठन का काम पूरा हो जाएगा। साथ ही उपचुनाव वाली विधानसभा सीटों पर बतौर प्रभारी तैनात किए गए प्रदेश पदाधिकारी भी चुनावी जिम्मेदारी से फुरसत पा जाएंगे।