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सीएम योगी ने दी सौगात, अब घर बैठे ऑनलाइन बनवा सकेंगे गैर विवादित वरासत और हैसियत प्रमाणपत्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 29 Oct 2018 03:01 PM IST
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सदर तहसील के नवनिर्मित भवन में कक्षों का सीएम योगी ने जायजा लिया
- फोटो : amar ujala
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को राजधानी के खरगापुर में सदर तहसील के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने प्रदेशवासियों को ऑनलाइन गैरविवादित वरासत और हैसियत प्रमाणपत्र बनवाने की दो बड़ी सुविधाओं की सौगात दी।
हैसियत का मूल्यांकन आयकर विभाग से मान्यता प्राप्त ‘प्राइवेट वैल्यूअर’ से भी कराया जा सकेगा। ‘अमर उजाला’ ने तीन अक्तूबर को योगी सरकार द्वारा इन सुविधाओं की सौगात दिए जाने की तैयारी संबंधी खबर प्रकाशित की थी।
मुख्यमंत्री ने समारोह में कहा, डेढ़ साल पहले जब हमने सरकार संभाली थी, तब कानून-व्यवस्था और संगठित अपराध से प्रदेश की पहचान का संकट था। हमारी सरकार ने ‘टीम वर्क’ से काम कर संगठित अपराध और राजनीतिक संरक्षण में अराजक गतिविधियों पर काफी नियंत्रण पा लिया है।
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पर, राजस्व विवाद और खेत-मेड़ से जुड़े विवादों में लोगों की जान जा रही है। यह चुनौती अब भी बनी हुई है। जमीन के विवाद को शुरू में ही गंभीरता से लेने और तकनीक के अधिकाधिक प्रयोग से इस संकट का समाधान किया जा सकता है। उन्होंने राजस्व प्रशासन के कामकाज में तकनीक के प्रयोग को तेजी से अपनाने के लिए राजस्व परिषद के चेयरमैन प्रवीर कुमार और उनकी टीम की सराहना की।
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हैसियत का मूल्यांकन आयकर विभाग से मान्यता प्राप्त ‘प्राइवेट वैल्यूअर’ से भी कराया जा सकेगा। ‘अमर उजाला’ ने तीन अक्तूबर को योगी सरकार द्वारा इन सुविधाओं की सौगात दिए जाने की तैयारी संबंधी खबर प्रकाशित की थी।
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मुख्यमंत्री ने समारोह में कहा, डेढ़ साल पहले जब हमने सरकार संभाली थी, तब कानून-व्यवस्था और संगठित अपराध से प्रदेश की पहचान का संकट था। हमारी सरकार ने ‘टीम वर्क’ से काम कर संगठित अपराध और राजनीतिक संरक्षण में अराजक गतिविधियों पर काफी नियंत्रण पा लिया है।
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पर, राजस्व विवाद और खेत-मेड़ से जुड़े विवादों में लोगों की जान जा रही है। यह चुनौती अब भी बनी हुई है। जमीन के विवाद को शुरू में ही गंभीरता से लेने और तकनीक के अधिकाधिक प्रयोग से इस संकट का समाधान किया जा सकता है। उन्होंने राजस्व प्रशासन के कामकाज में तकनीक के प्रयोग को तेजी से अपनाने के लिए राजस्व परिषद के चेयरमैन प्रवीर कुमार और उनकी टीम की सराहना की।
30 दिन में मिलेंगे प्रमाणपत्र
नवनिर्मित भवन का उद्घाटन
- फोटो : amar ujala
योगी ने कहा कि ऑनलाइन वरासत और ऑनलाइन हैसियत प्रमाणपत्र 30 दिन में देने की व्यवस्था की गई है। इससे लोगों को सरकारी दफ्तर का चक्कर लगाने से छुट्टी मिलेगी। उन्होंने मोहनलालगंज के सांसद कौशल किशोर और क्षेत्रीय विधायक अविनाश त्रिवेदी द्वारा उठाई गई क्षेत्र की समस्याओं के समाधान कराने का एलान भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व कर्मियों को तहसील दिवस को संपूर्ण समाधान दिवस बनाने का प्रयास करना चाहिए।जमीन की कीमत बढ़ने से जमीन से जुड़े वाद-विवाद भी बढ़े हैं। अपनों से धोखा खाने के बाद लोग तहसील में आपके पास आते हैं।
ऐसे में राजस्व कर्मियों की फरियादियों के प्रति भूमिका बढ़ जाती है। तहसील दिवस में केवल शिकायती-पत्र ही न लिए जाएं, बल्कि अधिकतम समस्याओं का समाधान भी हो जाना चाहिए। जो मौके पर संभव न हो, उसे टीम गठित कर तीन दिन में निपटाएं। इससे जन-धन हानि रोकने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व कर्मियों को तहसील दिवस को संपूर्ण समाधान दिवस बनाने का प्रयास करना चाहिए।जमीन की कीमत बढ़ने से जमीन से जुड़े वाद-विवाद भी बढ़े हैं। अपनों से धोखा खाने के बाद लोग तहसील में आपके पास आते हैं।
ऐसे में राजस्व कर्मियों की फरियादियों के प्रति भूमिका बढ़ जाती है। तहसील दिवस में केवल शिकायती-पत्र ही न लिए जाएं, बल्कि अधिकतम समस्याओं का समाधान भी हो जाना चाहिए। जो मौके पर संभव न हो, उसे टीम गठित कर तीन दिन में निपटाएं। इससे जन-धन हानि रोकने में मदद मिलेगी।
प्रमाणपत्र के लिए यूं करें आवेदन
निरीक्षण करते सीएम योगी
- फोटो : amar ujala
राजस्व परिषद के चेयरमैन प्रवीर कुमार ने बताया कि खतौनी (भूलेख) का डिजिटाइजेशन हो चुका है। सजरा (नक्शा) भी 70 प्रतिशत डिजिटाइज हो गया है। खसरे को भी ऑनलाइन करने और एप के जरिए रिपोर्ट लगाने की सुविधा जल्द शुरू की जाएगी। भू-उपयोग बदलने और नामांतरण की प्रक्रिया भी ऑनलाइन हो चुकी है।
वरासत ऑनलाइन होने से प्रतिवर्ष 15 लाख से अधिक गैरविवादित वरासत प्रमाणपत्र तय समयसीमा में जारी किए जा सकेंगे। इस मौके पर उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा, न्याय मंत्री ब्रजेश पाठक, सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा, राजस्व राज्यमंत्री अनुपमा जायसवाल, एनआरआई राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्वाति सिंह, प्रमुख सचिव राजस्व सुरेश चंद्रा व आयुक्त एवं सचिव राजस्व परिषद रजनीश गुप्ता सहित जिले के विधायक और अधिकारी उपस्थित रहे।
ऑनलाइन वरासत के लिए राजस्व परिषद की वेबसाइट पर लिंक दिया गया है। वहां आवेदन की पूरी प्रक्रिया उपलब्ध कराई गई है। उसे पढ़कर आसानी से आवेदन किया जा सकता है। हैसियत प्रमाणपत्र के लिए ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर सिटिजन लॉगिन करने के बाद सेवाओं की लिस्ट आएगी। इसमें से हैसियत को सेलेक्ट कर आवेदन किया जा सकेगा।
वरासत ऑनलाइन होने से प्रतिवर्ष 15 लाख से अधिक गैरविवादित वरासत प्रमाणपत्र तय समयसीमा में जारी किए जा सकेंगे। इस मौके पर उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा, न्याय मंत्री ब्रजेश पाठक, सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा, राजस्व राज्यमंत्री अनुपमा जायसवाल, एनआरआई राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्वाति सिंह, प्रमुख सचिव राजस्व सुरेश चंद्रा व आयुक्त एवं सचिव राजस्व परिषद रजनीश गुप्ता सहित जिले के विधायक और अधिकारी उपस्थित रहे।
ऑनलाइन वरासत के लिए राजस्व परिषद की वेबसाइट पर लिंक दिया गया है। वहां आवेदन की पूरी प्रक्रिया उपलब्ध कराई गई है। उसे पढ़कर आसानी से आवेदन किया जा सकता है। हैसियत प्रमाणपत्र के लिए ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर सिटिजन लॉगिन करने के बाद सेवाओं की लिस्ट आएगी। इसमें से हैसियत को सेलेक्ट कर आवेदन किया जा सकेगा।