'किसानों के लिए केंद्र तुरंत दे एक हजार करोड़'
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बेमौसम बारिश व ओले से नुकसान का जायजा लेने आई केंद्रीय टीम ने जमीनी हकीकत देखने के बाद माना है कि सूबे में फसलों को जबर्दस्त नुकसान हुआ है। जो फसलें खेतों में खड़ी भी हैं उनमें दाना ठीक से नहीं बना है।
टीम ने मुख्य सचिव आलोक रंजन से केंद्र के नए मानक के अनुसार जल्द से जल्द नया सर्वे करवाकर मेमोरेंडम भिजवाने का आग्रह किया।
मुख्य सचिव ने टीम से प्रदेश सरकार के स्तर से उठाए गए राहत कार्यों की विस्तार से जानकारी देते हुए तत्काल 1000 करोड़ रुपये जारी कराने की मांग की। केंद्र को 1078.68 करोड़ के नुकसान की नई सूचना भी दे दी गई है।
तीन दिनों से प्रदेश के विभिन्न जिलों का जायजा लेने के बाद केंद्रीय टीम शुक्रवार को राजधानी लखनऊ लौट आई। तीन अलग-अलग टीमों में बंटे दल का नेतृत्व संयुक्त सचिव कृषि मंत्रालय डॉ. आशीष भूटानी ने किया।
दल ने लौटकर मुख्य सचिव आलोक रंजन, राहत आयुक्त लीना जौहरी व शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अपने अनुभव साझा किए। टीम ने माना कि फसलों को काफी नुकसान हुआ है और गेहूं की जो फसल अभी खेतों में खड़ी है उसमें दाना ठीक नहीं है। टीम ने माना कि उत्पादन घटने की आशंका भी बढ़ गई है।
मुख्य सचिव बोले, और बढ़ेगी रकम
मुख्य सचिव आलोक रंजन ने डॉ. भूटानी को बताया कि सूबे के 44 जिलों में अब तक 1078.68 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। 33 प्रतिशत तक नुकसान शामिल करने पर यह रकम और बढ़ जाएगी।
उन्होंने बताया कि किसानों की सहायता के लिए राज्य सरकार ने अब तक 1085 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इससे प्रदेश का खर्च काफी बढ़ गया है। उन्होंने प्रदेश की सहायता के लिए तत्काल 1000 करोड़ रुपये जारी कराने का आग्रह किया।
नई गाइडलाइन पर आज तक मांगी सूचना
प्रदेश सरकार ने मंडलायुक्तों व जिलाधिकारियों से केंद्र सरकार की नई गाइडलाइन के आधार पर किसानों के फसलों के नुकसान की रिपोर्ट तलब की है। अधिकारियों को गाइडलाइन की प्रति भेजते हुए विस्तृत रिपोर्ट 11 अप्रैल तक देने को कहा गया है।
41 मरे, 217.69 करोड़ बंटे
प्रदेश सरकार ने दैवी आपदा से अब तक 41 लोगों की मौत मानी है। मुख्य सचिव ने बताया कि इन्हें सरकार की ओर से मदद दे दी गई है। अब तक 6.28 लाख किसानों को 217.69 करोड़ रुपये की मदद दी जा चुकी है।