Warning: केंद्र ने कोयला आयात के लिए राज्यों पर बनाया दबाव, चेतावनी दी- घरेलू कोयला आवंटन मे 40 फीसदी कटौती करेंगे
केंद्र ने राज्यों पर कोयला आयात कराने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया है और चेतावनी जारी की है कि अगर राज्य कोयला आयात नहीं करेंगे उनके घरेलू कोयले के आवंटन में 40 फीसदी तक की कटौती की जाएगी। बिजली इंजीनियरों व उपभोक्ता परिषद ने इस पर एतराज जताते हुए कहा कि राज्यों पर बेजा दबाव डाला जा रहा है।
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बिजलीघरों के लिए आयातित कोयला मंगाने पर केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के बीच तकरार बढ़ गई है। केंद्र अब राज्यों पर किसी भी कीमत पर कोयला आयात का दबाव बनाने में जुट गया है। केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने फिर एक आदेश जारी करके चेताया है कि जो राज्य कोयला आयात नहीं करेंगे उनके घरेलू कोयले के आवंटन में 40 फीसदी तक की कटौती कर दी जाएगी।
केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय के अनुसचिव एस. मजूमदार की ओर से 1 जून को सभी राज्यों के ऊर्जा विभाग के अपर मुख्य सचिव व प्रमुख सचिव, सभी राज्यों की बिजली उत्पादन कंपनियों और निजी बिजली उत्पादकों को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि राज्यों के जिन बिजलीघरों ने 3 जून तक कोयला आयात करने के लिए टेंडर की प्रक्रिया प्रारंभ नहीं की है अथवा आयातित कोयले के लिए कोल इंडिया को इंडेंट नहीं दिया है उनके घरेलू कोयले के आवंटन में 7 जून से 30 प्रतिशत कटौती कर दी जाएगी। पत्र में कहा गया है कि कोयला आयात न करने पर 15 जून से घरेलू कोयला आवंटन में कटौती बढ़ाते हुए 60 प्रतिशत ही आवंटन किया जाएगा।
इधर, ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (एआईपीईएफ) के चेयरमैन शैलेंद्र दुबे ने इसे मनमाना आदेश करार देते हुए सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से आम जनता के हित मे इसका प्रबल विरोध करने की मांग की है। गौरतलब है कि यूपी के अलावा तेलंगाना, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, झारखंड, केरल, हरियाणा ने भी कोयला न आयात करने का निर्णय किया है। उन्होंने कहा कि एक ओर तो केंद्र सरकार अप्रैल तक यह दावा करती रही है कि कोल इंडिया का उत्पादन पिछले वर्ष के मुकाबले बढ़ा है और कोयले का कोई संकट नहीं है। दूसरी ओर अब केंद्र सरकार राज्यों से कोयला आयात करने को कह रही है।
खुलासा करें, इसके पीछे कौन बड़ा निजी घराना है
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने इस आदेश को तानाशाहीपूर्ण और धमकाने वाला करार देते हुए कहा कि केंद्र सरकार खुलासा करे कि इसके पीछे कौन सा बड़ा निजी घराना है जिसकी विदेशों में कोयले की खदानें हैं?
वर्मा ने कहा कि यह कौन सा कानून है कि कोई भी राज्य अगर 10 प्रतिशत विदेशी कोयला नहीं खरीदता है तो उस राज्य के घरेलू कोयले के आवंटन में 40 प्रतिशत की कटौती कर दी जाएगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की है।