यूपी चुनाव के बाद 'ट्रिपल तलाक' बैन करने पर बड़ा फैसला ले सकती है सरकार
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यूपी विधानसभा चुनाव के बाद केंद्र सरकार तीन तलाक को बैन करने के लिए कोई बड़ा फैसला ले सकती है। केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने ऐसे संकेत देते हुए कहा, केंद्र सरकार तीन तलाक के मुद्दे पर यूपी की मुस्लिम महिलाओं की राय लेकर सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखेगी।
उन्होंने यूपी में सत्तारूढ़ सपा, कांग्रेस और बसपा को इस मुद्दे पर रूख साफ करने की चुनौती दी है।
प्रसाद ने कहा कि तीन तलाक धार्मिक आस्था का मुद्दा नहीं है। यह महिलाओं के सम्मान, न्याय और समानता के हक का मुद्दा है। उन्होंने कहा कि, 'उनकी सरकार आस्था का सम्मान करती है, लेकिन इबादत और सामाजिक बुराई एक साथ नहीं चल सकते।'
प्रसाद ने कहा कि तलाक की परंपरा महिलाओं के सम्मान के खिलाफ है और केंद्र 'सामाजिक बुराई' का अंत करने के लिए प्रतिबद्घ है।
क्राइम, क्रिमिनल और करप्शन का गठबंधन
प्रसाद ने यूपी में सपा-कांग्रेस गठबंधन पर कहा कि रुद्रपुर से गाजियाबाद तक 27 साल यूपी बेहाल का नारा देने वाले कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने सूबे में सपा के साथ क्राइम, क्रिमिनल और करप्शन का गठबंधन किया है। राहुल इसे गंगा-यमुना का गठबंधन बताते हैं।
प्रयाग में यमुना का गंगा में विलय होकर उसका अस्तित्व समाप्त हो जाता है तो यहां सपा और कांग्रेस में से किसका अस्तित्व समाप्त होगा।
उन्होंने कहा कि नालों की गंदगी की तुलना गंगा-यमुना जैसी पवित्र नदियों से नहीं की जानी चाहिए। रविशंकर प्रसाद रविवार को यहां भाजपा मुख्यालय में पत्रकारों से मुखातिब थे।
उन्होंने समाजवादी परिवार और अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए कहा कि अपराध, लूट, भ्रष्टाचार के मामलों में अपने पिता व चाचा पर आरोप लगाकर मुख्यमंत्री जवाबदेही से बच नहीं सकते। अखिलेश के चाचा शिवपाल यादव उन्हें जमीन हड़पने वाला बता रहे हैं।
20 इस्लामिक देशों ने ट्रिपल तलाक को नियंत्रित किया
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि दुनिया के 20 इस्लामिक देशों ने ट्रिपल तलाक को नियंत्रित किया है। केंद्र सरकार सभी धर्मों का आदर करती है, लेकिन कुप्रथा आस्था का अंग नहीं हो सकती।
ट्रिपल तलाक किसी धर्म की आस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि नारी सम्मान और न्याय का मुद्दा है। ट्रिपल तलाक पर राहुल गांधी, अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती को अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।
नोटबंदी से अपराध और आतंकवाद पर लगाम
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि नोटबंदी से आतंकवाद की कमर टूटी है तो नक्सलवादी-माओवादी कमजोर हुए हैं। हवाला कारोबार की हिम्मत पस्त हुई है। मुंबई में सुपारी किलिंग कम हो गई है। जिन लोगों ने नोटबंदी की वजह से बैंकों में रकम जमा की है, उन्हें इसका स्रोत बताना होगा। ईमानदारी से टैक्स भरना होगा।
अखिलेश सरकार में कोई निवेश नहीं हुआ
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि बीते ढाई वर्ष में केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बहुत से काम कराए हैं, लेकिन अखिलेश यादव की सरकार ने न तो केंद्र सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचने दिया, न ही यहां हुए औद्योगिक विकास का लाभ जनता को मिलने दिया।
केंद्र सरकार के बीते दो साल के कार्यकाल में देश में 72 मोबाइल निर्माता कंपनियां आई हैं जिन्होंने 11 करोड़ मोबाइल फोन बनाए हैं।
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में ही 14 मोबाइल निर्माता कंपनियां हैं, लेकिन निवेशकों और उद्योगपतियों में भय होने के कारण वे नोएडा से आगे नहीं बढ़ना चाहते। अखिलेश सरकार के पांच साल के कार्यकाल में यूपी में कोई बड़ा निवेश नहीं आया।