'यूपी जितनी चाहे केंद्र सरकार उतनी बिजली देने को तैयार, कहे तो सही'
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राज्य सरकार द्वारा केंद्र पर बिजली न देने के आरोप को खारिज करते हुए केंद्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि केंद्र के पास बिजली की कोई कमी नहीं, यूपी सरकार जितना बिजली मांगेगी, केंद्र उतनी बिजली देने को तैयार है।
उन्होंने कहा कि हम तो खुद यूपी सरकार से ग्रामीण विद्युतीकरण का डाटा मांग रहे रहें, लेकिन राज्य सरकार नहीं उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र की ग्रामीण विद्युतीकरण से संबंधित दो योजनाओं के लिए दिए गए करीब 10 हजार करोड़ रुपये भी यूपी सरकार अब तक खर्च नहीं कर पाई है।
मोदी सरकार के दो साल पूरा होने पर ऊर्जा मंत्रालय की उपलब्धियों की जानकारी देने के लिए शुक्रवार को दिल्ली से विडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिए गोयल सभी राज्यों के पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
लखनऊ के योजना भवन में मौजूद पत्रकारों द्वारा यूपी के संबंध में पूछे गए सवालों के जवाब में गोयल ने कहा कि यदि यूपी में औसतन 8 से 10 घंटे ही बिजली मिल रही है, तो ऐसा राज्य सरकार की उदासीनता की वजह से है। रही बात केंद्र से बिजली न मिलने की तो यह आरोप निराधार है, क्योंकि केंद्र के पास इफरात बिजली उपलब्ध है, लेकिन जब तक राज्य सरकार मांगेगी नहीं तो हम कैसे देंगे।
यूपी सरकार नहीं खर्च कर पाई है 10 हजार करोड़
उन्होंने कहा कि केंद्र पर आरोप लगाने के बजाय राज्य सरकार को अपने ट्रांसमिशन नेटवर्क में सुधार करना चाहिए। जिससे आपूर्ति व्यवस्था पटरी पर आ जाएगी।
गोयल ने कहा कि केंद्र ने दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना के तहत 6946 करोड़ और इंटीग्रेटेड पावर डवलपमेंट स्कीम (आईपीडीएस) के तहत यूपी को 4721 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए हैं, लेकिन यह राशि अब तक खर्च नहीं हो पाई है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के ताप बिजलीघरों में उत्पादन न गिरे इसके लिए भी पर्याप्त मात्रा में कोयला उपलब्ध करा दिया गया है।
सिर्फ दो साल में यूपी के 1300 गांवों का हुआ विद्युतीकरण
गोयल ने कहा कि 2012-13 में सिर्फ तीन गांवों का विद्युतीकरण हुआ था और 2013-14 में तो एक भी गांव का विद्युतीकरण नहीं कराया गया था।
जबकि 2014 से 2016 के बीच दो वित्तीय वर्ष में मोदी सरकार आने के बाद से यूपी के 1300 गावों का विद्युतीकरण कराया गया है। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा राशि आवंटित करने के बाद भी यूपी सरकार काम नहीं करा पा रही है।
बिजली लेने से क्यों इनकार कर रहा है राज्य?
गोयल ने कहा कि बिजली उपलब्ध होने के बावजूद यूपी उसे नहीं लेना चाहता है और आरोप केंद्र पर लगाता है। उन्होंने कहा कि दामोदर वैली कॉरपोरेशन ने 500 मेगावाट बिजली देने का ऑफर यूपी को दिया था, जिसे यूपी सरकार ने ठुकरा दिया। अगर प्रदेश में बिजली की कमी है तो राज्य सरकार बिजली लेने से इंकार क्यों रही है।
गांवों में सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने पर हो रहा विचार
ऊर्जा राज्य मंत्री ने बताया कि ग्रामीण इलाकों को रात में रोशन करने के लिए सोलर आधारित स्ट्रीट लाइट लगवाने पर भी ऊर्जा मंत्रालय विचार कर रहा है।
पत्रकारों द्वारा इस संबंध में पूछे गए सवाल पर गोयल ने कहा कि सोलर स्ट्रीट लाइट लग जाने से गांवों की आधी समस्या दूर हो जाएगी।
18,452 गावों तक पहुंचाई बिजली
गोयल ने कहा कि मोदी सरकार ने अब 2022 के स्थान पर 2019 तक ही देश के हर गांव हर घर तक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। ऊर्जा के क्षेत्र की उपलब्धियों को गिनाते हुए गोयल ने कहा कि ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत 18542 गांवों में बिजली पहुंचाने में सफल हुए हैं।
इसी प्रकार नक्सलवाद से प्रभावित और इलाकों के गांवों में बिजली पहुंचाने के लिए 1000 दिन का लक्ष्य रखा गया है, जिसे हम 2017 तक पूरा कर लेंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार सबको सस्ती और पर्यावरण के अनुकूल बिजली देने की योजना तैयार की है।
ग्रामीणों के लिए तैयार हो रही नई कनेक्शन योजना
गोयल ने बताया कि ग्रामीणों को बिजली कनेक्शन नहीं दिए जाने या कनेक्शन देने के नाम पर परेशान करने और धन वसूली की शिकायतों को देखते हुए केंद्र सरकार इस संबंध में एक पॉलिसी तैयार कर रही है।
जिसके तहत सभी को कनेक्शन देना अनिवार्य किया जाएगा और जो भी कनेक्शन शुल्क एकमुश्त देने में असमर्थ हैं, उन्हें किस्तों में भुगतान करने की सुविधा दी जाएगी।