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'प्रमोशन में आरक्षण के लिए अध्यादेश लाएगी मोदी सरकार, मंत्री समूह की बैठक में हुआ निर्णय'

Thu, 03 May 2018 08:41 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 03 May 2018 08:41 PM IST
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central government to bring ordinance for reservation in promotion says ram vilas pasvan.
लोजपा अध्यक्ष और केंद्रीय खाद्य मंत्री राम विलास पासवान - फोटो : amar ujala

लोजपा अध्यक्ष और केंद्रीय खाद्य मंत्री राम विलास पासवान ने बसपा सुप्रीमो मायावती को दलित विरोधी और दलितों को कमजोर करने वाला करार दिया है। वह बृहस्पतिवार को वीवीआईपी गेस्ट हाउस में पत्रकारों से बात कर रहे थे।

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पासवान ने कहा, दलितों को कमजोर करने के लिए मायावती ने प्रदेश में 20 मई 2007 और 29 अक्तूबर 2007 को आदेश जारी किया। 1989 में एससी-एसटी एक्ट बना था जो गैर जमानती था लेकिन उप्र में मायावती ने इन दो आदेशों के जरिये इस एक्ट को कमजोर कर दिया। उन्होंने तब जो आदेश दिया था वही सुप्रीम कोर्ट ने दिया है। कहा कि मायावती का एजेंडा बदलता रहता है। जब चुनाव में जाती हैं तो दलित की दुहाई देती हैं और चुनाव बाद उनका एजेंडा बदल जाता है।
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पासवान ने कहा कि प्रमोशन में आरक्षण के लिए केंद्र सरकार अध्यादेश लाएगी। मंत्री समूह की बैठक में इस पर निर्णय हो चुका है। इस मामले में भी मायावती सरकार ने हाईकोर्ट में ठीक से पैरवी नहीं की। इस नाते यहां प्रमोशन में आरक्षण समाप्त हो गया।
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कहा कि स्कूल- कॉलेजों के छात्रावास में रहने वाले पिछड़े व दलित छात्र-छात्राओं को पांच किलो के बजाय अब 15 किलो राशन बीपीएल के रेट पर मिलेगा। इसके लिए राज्य सरकार को पत्र लिखा गया है कि वह जल्द ऐसे हॉस्टल की लिस्ट बना कर दे। मदरसों के छात्रावास में भी अगर पिछड़े और दलित छात्रों की संख्या दो तिहाई है तो वहां भी यह लाभ दिया जाएगा।

किसानों का 19 हजार करोड़ गन्ना मूल्य बकाया

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पासवान ने इससे पहले भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बाद में पत्रकारों को बताया कि उप्र में गन्ना किसानों की समस्या बड़ी है। पूरे देश में गन्ना किसानों का 19 हजार करोड़ रुपये बकाया है।

राज्य सरकारों की जवाबदेही है कि वह भुगतान कराए। पासवान ने बताया कि मिल मालिकों के अनुसार चीनी की प्रोडक्शन कास्ट 32 से 33 रुपये प्रति किलो आती है। यहां चीनी का दाम 26 से 28 रुपये प्रति किलो है। जबकि अंतरराष्ट्रीय मार्केट में 22 से 24 रुपये है। ऐसे में चीनी का निर्यात करने पर भी नुकसान ही है। ऐसे में किसानों को पैसे कहां से दिए जाएं?

मंत्री समूह की बैठक में निर्णय हुआ कि चीनी मिलों को सहायता राशि के रूप में प्रति क्विंटल गन्ने पर साढ़े पांच रुपये सरकार देगी। साथ ही 20 लाख टन चीनी का निर्यात करने का भी फैसला किया गया है।

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