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कानपुर में ग्रीन फील्ड मेगा लेदर पार्क की स्थापना को मंजूरी, 5850 करोड़ रुपये का होगा निवेश
Mon, 28 Dec 2020 09:32 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 28 Dec 2020 09:32 PM IST
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सीएम योगी और पीएम मोदी। (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला।
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कानपुर में ग्रीन फील्ड मेगा पार्क की स्थापना की जाएगी। 250 एकड़ क्षेत्र में प्रस्तावित इस परियोजना में 5850 करोड़ रुपये का निवेश होगा। वहीं, लगभग 50 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और डेढ़ लाख लोगों को परोक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।
केंद्र सरकार ने संबंधित प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इससे प्रति वर्ष 13 हजार करोड़ रुपये का टर्नओवर होगा। सोमवार को यह जानकारी प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, निवेश और निर्यात प्रोत्साहन मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने दी।
उन्होंने बताया कि मेगा लेदर पार्क की स्थापना के लिए प्रदेश सरकार 236 करोड़ रुपये और भारत सरकार 125 करोड़ रुपये यानी कुल 451 करोड़ रुपये अवस्थापना सुविधाओं पर खर्च करेगी।
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इसके तहत सड़क, पानी आपूर्ति, सीवेज, ड्रेनेज, हार्टिकल्चर, बाउंड्रीवाल, स्ट्रीट लाइट, जलापूर्ति, स्ट्रोम वाटर ड्रेनेज, आईटी एंड टेली कम्यूनिकेशन, प्रशासनिक भवन, डिजाइन लैब, टेस्टिंग लैब, वैल्यू एडिशन सेंटर, हॉस्टल और अन्य सामान्य सुविधाएं उद्यमियों को उपलब्ध कराई जाएंगी।
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केंद्र सरकार ने संबंधित प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इससे प्रति वर्ष 13 हजार करोड़ रुपये का टर्नओवर होगा। सोमवार को यह जानकारी प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, निवेश और निर्यात प्रोत्साहन मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने दी।
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उन्होंने बताया कि मेगा लेदर पार्क की स्थापना के लिए प्रदेश सरकार 236 करोड़ रुपये और भारत सरकार 125 करोड़ रुपये यानी कुल 451 करोड़ रुपये अवस्थापना सुविधाओं पर खर्च करेगी।
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इसके तहत सड़क, पानी आपूर्ति, सीवेज, ड्रेनेज, हार्टिकल्चर, बाउंड्रीवाल, स्ट्रीट लाइट, जलापूर्ति, स्ट्रोम वाटर ड्रेनेज, आईटी एंड टेली कम्यूनिकेशन, प्रशासनिक भवन, डिजाइन लैब, टेस्टिंग लैब, वैल्यू एडिशन सेंटर, हॉस्टल और अन्य सामान्य सुविधाएं उद्यमियों को उपलब्ध कराई जाएंगी।
इस परियोजना के पूर्ण होने पर प्रदेश के चर्म उद्योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर की अवस्थापना सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। घरेलू चर्म उद्योग को बेहतर उत्पादकता, निर्यात और नए निवेश में प्रोत्साहन मिलेगा।
उन्होंने बताया कि परियोजना के तहत मेगा लेदर क्लस्टर में 20 एमएलडी क्षमता का दूषित जल ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की स्थापना भी की जाएगी। इस परियोजना के दायरे में कानपुर की सभी प्रमुख टैनरियां आएंगी। इस परियोजना से गंगा को साफ बनाए रखने के प्रयासों में भी सफलता मिलेगी।
कानपुर में चर्म उद्योग से संबंधित 2125 इकाइयां
कानपुर में चर्म उद्योग से संबंधित 2125 इकाइयां स्थापित हैं। इसके जरिये 1.20 लाख लोग काम कर रहे हैं। इन इकाइयों से प्रतिवर्ष 10 हजार करोड़ का टर्नओवर होता है। मगर प्रदूषण की वजह से इन टैनरियों को 18 नवंबर 2018 को बंद कर दिया गया।
20 दिसंबर 2019 से इन्हें शुरू करने की मंजूरी दी गई, लेकिन कुछ कारणों से 19 फरवरी 2020 को पुन: बंद करना पड़ा है। अब राज्य सरकार की ओर से कानपुर के चर्म उद्योग को पुनर्जीवित करने के लिए उठाए गए कदमों से इस क्षेत्र में नए निवेश के साथ ही अधिकाधिक रोजगार के अवसरों का भी सृजन होगा।
उन्होंने बताया कि परियोजना के तहत मेगा लेदर क्लस्टर में 20 एमएलडी क्षमता का दूषित जल ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की स्थापना भी की जाएगी। इस परियोजना के दायरे में कानपुर की सभी प्रमुख टैनरियां आएंगी। इस परियोजना से गंगा को साफ बनाए रखने के प्रयासों में भी सफलता मिलेगी।
कानपुर में चर्म उद्योग से संबंधित 2125 इकाइयां
कानपुर में चर्म उद्योग से संबंधित 2125 इकाइयां स्थापित हैं। इसके जरिये 1.20 लाख लोग काम कर रहे हैं। इन इकाइयों से प्रतिवर्ष 10 हजार करोड़ का टर्नओवर होता है। मगर प्रदूषण की वजह से इन टैनरियों को 18 नवंबर 2018 को बंद कर दिया गया।
20 दिसंबर 2019 से इन्हें शुरू करने की मंजूरी दी गई, लेकिन कुछ कारणों से 19 फरवरी 2020 को पुन: बंद करना पड़ा है। अब राज्य सरकार की ओर से कानपुर के चर्म उद्योग को पुनर्जीवित करने के लिए उठाए गए कदमों से इस क्षेत्र में नए निवेश के साथ ही अधिकाधिक रोजगार के अवसरों का भी सृजन होगा।