आप भी हैं इस बीमारी से परेशान तो इस खबर को जरूर पढ़ें, पहुंचा सकती है राहत

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 14 Mar 2018 03:24 PM IST
सीडीआरआई के निदेशक ने गठिया के मरीजों के लिए लॉन्च की दवा
सीडीआरआई के निदेशक ने गठिया के मरीजों के लिए लॉन्च की दवा - फोटो : amarujala
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सीडीआरआई के वैज्ञानिकों ने गठिया (ऑस्टियो आर्थराइटिस) के मरीजों को घुटनों और जोड़ों के दर्द से छुटकारा दिलाने के लिए गुजरात की फार्मा कंपनी की मदद से दवा कम पेय पदार्थ (न्युट्रास्युटिकल) बाजार में उतारा है। सीडीआरआई में खोजी यह न्यूट्रास्युटिकल पालक से तैयार की गई है। पाउडर के रूप में लांच इस न्यूट्रास्युटिकल को पानी में घोलकर पिया जा सकता है।
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वैज्ञानिकों का दावा है कि यह गठिया सही करने को पहली विकसित न्युट्रास्युटिकल है। इसे अब तक गठिया की वजह खत्म करने वाली दवा भी कहा जा सकता है। दो महीने में ‘ज्वाइंट फ्रेश’ को फार्मा कंपनी और सीडीआरआई टेबलेट के रूप में भी लाने वाले हैं। पाउडर को स्वादिष्ट और स्वास्थ्यप्रद बनाने के लिए नींबू फ्लेवर और शुगर फ्री वैरिएंट में लाया गया है।


गठिया के लिए अब तक कार्टिलेज रिपेयर करने को कोई दवा मौजूद नहीं थी। सीडीआरआई ने ही इस पर काम शुरू किया। ज्वाइंट फ्रेश में मौजूद नैनो फॉर्मूला ओस्टियोआर्थराइटिस में जोड़ों के मूवमेंट को प्रभावित करने वाली वजह को खत्म करता है। पुरुष और महिलाओं दोनों में समस्या होती है, जोकि आगे चलकर विकलांगता का कारण भी बन जाती है।

वर्तमान में गठिया की कोई दवा न होने से मरीजों को पेनकिलर इबुप्रोफेन और नैपोरोक्सन लेनी पड़ती है। लंबे समय में यह किडनी और लिवर की दिक्कत शुरू कर देती हैं। न्यूट्रास्यूटिकल दो शब्द न्यूट्रीएंट (एक पौष्टिक भोजन घटक) और फार्मास्युटिकल (चिकित्सीय औषधि) से मिलकर बना है।

बड़ी राहत देगा न्युट्रास्युटिकल

गठिया के मरीजों के लिए जॉइंट फ्रेश दवा
गठिया के मरीजों के लिए जॉइंट फ्रेश दवा - फोटो : amarujala
दूसरे शब्दों में इसका मतलब है कि भोजन जो आपकी दवा भी हो। न्यूट्रास्यूटिकल का इस्तेमाल सामान्य रूप से स्वस्थ रहने के लिए विशिष्ट उपचार पद्धति के रूप में किया जाता है। इससे बीमारी की प्रक्रिया रोकने और उसके लक्षणों को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।

मंगलवार को सीडीआरआई के निदेशक प्रो. आलोक धवन ने इसे विकसित करने वाली वैज्ञानिकों की टीम और बाजार में ला रही फार्मा कंपनी के कार्यकारी निदेशक डॉ. संजीव अग्रवाल की मौजूदगी में लांच किया। प्रो. धवन का कहना है कि ओस्टियोआर्थराइटिस में राहत देने को पालक से बना यह न्युट्रास्युटिकल बड़ी राहत देगा।
यह आम तेलों की तरह केवल फौरी राहत ही नहीं देता। पालक में मौजूद स्पीनेशिया ऑलरेसी का नैनो फॉर्मूलेशन हड्डियों के कार्टिलेज के क्षरण को रोककर उसकी मरम्मत शुरू करता है। इस पेय पदार्थ में विषाक्तता भी नहीं है। नैनो फोर्मूलेशन से यह कम मात्रा में भी प्रभावी है।

एक पैकेट मतलब एक किलो पालक

डेमो
डेमो
ज्वाइंट फ्रेश के एक पैकेट की कीमत करीब 106 रुपये है, जो एक दिन की खुराक होगी। कंपनी कम आय वर्ग के मरीजों को राहत देने के लिए दवा को टेबलेट के रूप में ला रही है। दो महीने में इसे भी लांच कर दिया जाएगा। इससे कीमत प्रति डोज 50 प्रतिशत तक कम हो जाएगी। दवा के पूरी तरह हर्बल होने सेे इसके साइड इफेक्ट भी नहीं माने जा रहे हैं।

नैनो फॉर्मूला से बनाई दवा का असर इससे समझा जा सकता है कि एक पैकेट में करीब एक किलो पालक के तत्व शामिल हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि एक किलो पालक से करीब एक ग्राम नैनो फॉर्मूलेशन तैयार होता है। यानी, एक डोज में करीब एक किलो पालक मरीज लेगा। इस मात्रा को केवल 100 मिली पानी में घोलकर पिया जा सकता है।

इस टीम ने बनाई दवा
वैज्ञानिक डॉ. रितु त्रिवेदी, डॉ. प्रभात रंजन मिश्रा, डॉ. राकेश मौर्य, डॉ. एसके रथ, डॉ. बृजेश कुमार, डॉ. पीके शुक्ला।
 
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