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इन होनहारों की मेहनत, लगन और जज्बे को सलाम, शारीरिक और आर्थिक बाधाओं को पार कर पाई सफलता, तस्वीरें

Thu, 16 Jul 2020 05:16 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Thu, 16 Jul 2020 05:16 PM IST
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CBSE 10th Result: achievement of students inspite of problems in personal life
हिमांशु, शांभवी, प्रियंका - फोटो : अमर उजाला
किसी के जन्म से ही दोनों हाथ और एक पैर नहीं है। किसी के घर की आर्थिक स्थिति दयनीय है तो किसी के अपनों को बीमारी ने घेरा हुआ है। इन परिस्थितयों से जूझते हुए मेधावियों ने सीबीएसई 10वीं की परीक्षा में सफलता हासिल की। इन मेधावियों के नंबर भले ही बाकियों से कुछ कम हों, पर इसकी मेहनत, लगन और जज्बे के लिए सौ में से सौ नंबर भी कम हैं।
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दोनों कोहनी से लिखकर रचा इतिहास

CBSE 10th Result: achievement of students inspite of problems in personal life
हिमांशु - फोटो : amar ujala

शहर में कुछ बच्चे 90 फीसदी नंबर न लाने का गम मना रहे थे तो वहीं राजाजीपुरम निवासी कमलेश और सोनी गुप्ता के परिवार में बेटे के 52 फीसदी नंबर लाने पर खुशी का माहौल था। दोनों हाथ और एक पैर न होने के बावजूद उनके बेटे हिमांशु ने ये नंबर हासिल किए हैं। सेंट एंजनीज स्कूल  के छात्र हिमांशु ने शुरुआत में पैर से लिखने का प्रयास किया।

खास सफलता न मिलने पर उसने दोनों कुहनियों से लिखने का अभ्यास शुरू कर दिया। बेहद परेशानी के बावजूद हिमांशु ने हाईस्कूल की परीक्षा पास की। हिमांशु के पिता कमलेश कुमार गुप्ता टैक्सी चलाते हैं। तीन बहनों के भाई हिमांशु कहते हैं कि वह अपने लिखने की गति थोड़ी और बढ़ाना चाहता है। लिखने की गति न होने की वजह से कई सवालों का जवाब वह अपने मनमाफिक नहीं लिख सका, लेकिन इसकी परवाह किए बिना अगली परीक्षा के साथ ही लिखने का अभ्यास भी करना है।


 

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सिलाई करके चलाया घर, बिटिया ने दी खुशियां

CBSE 10th Result: achievement of students inspite of problems in personal life
शांभवी - फोटो : amar ujala

अस्थमा के अटैक की वजह से इंदिरानगर निवासी रुचि शर्मा के पति कृष्ण कुमार शर्मा पिछले चार साल से बिस्तर पर हैं। घर का खर्च चलाने के लिए उन्होंने सिलाई का सहारा लिया। इन परिस्थितयों में घर और बच्चों की पढ़ाई का खर्च निकालने वाली रुचि के लिए बुधवार का दिन खुशियों से भरा रहा।

उनकी बिटिया शांभवी शर्मा ने 10वीं की परीक्षा 90 फीसदी नंबरों के साथ पास की। शांभवी ने बताया कि अपनी मम्मी का संघर्ष देखकर उसे हमेशा मेहनत करने की प्रेरणा मिलती थी। उसके जीवन का एक ही लक्ष्य है कि मम्मी को आईपीएस बनकर दिखाना है।

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आर्थिक दुश्वारियां तोड़ बेटी ने हासिल किए 94.8% अंक

CBSE 10th Result: achievement of students inspite of problems in personal life
प्रियंका - फोटो : amar ujala
आरएलबी स्कूल की प्रियंका बेहरा की सफलता ने उसके घर के साथ ही शिक्षकों का सीना भी गर्व से चौड़ा कर दिया। प्लंबरिंग का काम करने वाले प्रदीप बेहरा की बेटी प्रियंका ने 94.8 फीसदी अंकों के साथ 10वीं उत्तीर्ण की। प्रियंका ने बताया कि उनके पिता ने कहा कि कैसे भी हो 12वीं तक की पढ़ाई वे अच्छे से अच्छी कराएंगे।

इसके बाद बैंक लोन लेकर काम चल जाएगा। प्रियंका का सपना शोध करना है। फिलहाल वह 14 से 15 घंटे रोजाना पढ़ाई करती है
 

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