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पीएफ घोटाला: सीबीआई ने तीन आईएएस अधिकारियों के खिलाफ मांगी अभियोजन की स्वीकृति
Sun, 30 Jan 2022 10:52 AM IST
ishwar ashish
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sun, 30 Jan 2022 10:52 AM IST
सार
बिजली कर्मचारियों के पीएफ के पैसे को निजी कंपनी में निवेश करने के मामले की जांच के लिए सीबीआई ने अफसरों के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति मांगी है।
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- फोटो : amar ujala
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विस्तार
बिजली विभाग में हुए पीएफ घोटाले की जांच कर रही सीबीआई ने उत्तर प्रदेश सरकार से तीन तत्कालीन अधिकारियों के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति मांगी है। इन अधिकारियों में उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड के दो पूर्व चेयरमैन संजय अग्रवाल और आलोक कुमार के अलावा एमडी अपर्णा यू के खिलाफ मामला चलाए जाने की अनुमति मांगी है।
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यह घोटाला 2019 में सामने आया था। इस मामले में यूपीपीसीएल के एमडी रहे एपी मिश्रा समेत आधा दर्जन से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया था। पहले इस मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा को सौंपी गई और बाद में इसे सीबीआई को दे दिया गया।
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यह पूरा मामला बिजली कर्मचारियों के पीएफ के पैसे को निजी कंपनी में निवेश करने का है। अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि एक पत्र सीबीआई का उनके पास आया है जिसके तहत उक्त तीनों अधिकारियों के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति की मांग की गई है।
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